अमेठी सिटी। होली के अवकाश के बाद सोमवार को खुले संयुक्त जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। पर्चा, दवा काउंटर, ओपीडी, पैथोलॉजी में मरीजों की लंबी कतार दिखी। करीब 1391 मरीजों ने इलाज करवाया। अधिकतर मरीज बुखार, खांसी व पेट दर्द से परेशान दिखे।
होली पर्व पर गौरीगंज स्थित जिला अस्पताल में इमरजेंसी छोड़कर अन्य सभी सेवाएं बंद थीं। इसके चलते कई लोग इलाज नहीं करवा पाए थे। शनिवार को अस्पताल खुला तो लेकिन जानकारी के अभाव में मरीज नहीं आ पाए थे। सोमवार सुबह से मरीजों की अस्पताल में लंबी कतार लगी रही। ओपीडी और पर्चा काउंटर पर मरीजों की कतारें दिखाई पड़ीं। अल्ट्रासाउंड, फिजियोथेरेपी और पैथोलॉजी में मरीजों की भीड़ जुटी रही।
दवा काउंटर पर मरीजों की कतार लंबी होने से उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। ऐसे में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ओपीडी में मरीज बुखार, खांसी, पेट दर्द व सीने की दर्द से परेशान रहे। इसके अलावा सभी 13 सीएचसी पर मरीजों की भीड़ रही। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ रही। सभी मरीजों की जांच के साथ उनका इलाज हुआ।
235 मरीजों की हुईं 5,362 जांचें
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में भीड़ रही। औसतन आम दिनों में करीब 150 से अधिक मरीज जांच के लिए आते हैं। सोमवार को भीड़ अधिक होने से जांच कराने वाले मरीजों की संख्या 235 पहुंच गई। लैब में सभी मरीजों की 5,362 जांचें हुईं। अल्ट्रासाउंड में 60 से 70 मरीजों की जांच हुई। करीब 70 मरीजों ने अपनी फिजियोथेरेपी कराई।
बुखार और खांसी-जुकाम के बढ़े मरीज
मौसम में बदलाव के कारण अस्पताल में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में करीब 25 फीसदी का इजाफा हुआ है। जिसमें बुखार के 685, खांसी के 141, ठंड के 139, जुकाम के 119, पेट दर्द के 91, लू मोशन के 41, डायरिया के नौ और मनोरोग के 171 मरीज रहे। अस्पतालों में भीड़ होने के कारण लोग लाइनों में लग कर काफी देर इंतजार करते रहे। फिजीशियन डॉ. शुभम पांडेय व डॉ. अमित यादव ने बताया कि खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसमें थोड़ी सी सावधानी बरत कर इन बीमारियों से बचा जा सकता है।