जायस के मट्टन नाला के उफान से फसलें हुई जलमग्न। -संवाद
जायस। बारिश थमने के बाद भी मट्टन नाले का जलस्तर कम नहीं होने से क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खरौली, ओदारी, मवई आलमपुर और बेहटा समेत कई गांवों में 300 बीघा से अधिक फसल एक सप्ताह से पानी में डूबी है। खेतों में लगातार जलभराव रहने से धान समेत अन्य फसलों के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। फसल बर्बाद होने की आशंका से किसान चिंतित हैं।
ग्रामीणों के अनुसार कई दिनों से जलभराव के कारण फसलें खराब होने लगी हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते नाले की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था करा दी जाती तो किसानों को इस संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
जलभराव से बब्बन सिंह, राजेंद्र, सुरेश, गोविंद, आरिफ समेत कई दर्जन किसानों की फसल प्रभावित हुई है। किसानों ने जिला प्रशासन से नाले की तत्काल सफाई कराने और जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है।