गौरीगंज (अमेठी)। दशहरा से एक दिन पूर्व बदले मौसम ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। बुधवार व गुरुवार को हुई बरसात से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया तो स्कूल व कॉलेजों के साथ कई कार्यालय जलभराव की चपेट में आ गए। शहर से लेकर गांवों तक चारों ओर बरसात के बाद पानी ही पानी नजर आ रहा है। तेज हवा के बीच खेतों में धान की फसल गिर गई तो सब्जी के साथ तिलहनी व दलहनी फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
खरीफ सीजन के शुरुआती दौर में जहां बारिश न होने से किसानों की फसल बोआई पर बुरा असर पड़ा वहीं अब बीते दो दिनों से हुई बारिश ने फसलों को तबाह कर दिया। दूसरी ओर गांवों से लेकर शहर तक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। विजय दशमी पर्व की खुशियां बारिश के पानी के साथ बह गईं। बुधवार व गुरुवार को रुक-रुक कर हुई बरसात से तीन माह से सूखे के हालात वाले जिले में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।
शहर स्थित दीवानी न्यायालय, सीएमओ कार्यालय, रेलवे स्टेशन मार्ग, जीजीआईसी, बीआरसी कार्यालय समेत कई दफ्तर व कई परिषदीय स्कूल जलभराव की चपेट में आ गए। कई मोहल्लों के साथ गांव गिरांव व गलियों में जलभराव ने लोगों को सांसत में डाल दिया। लखनऊ-वाराणसी रेलवे ट्रेक के नीचे बने रेलवे अंडर पास में पूरे भगवानदीन, और शुकुल बाजार रोड रेलवे क्रॉसिंग पर जलभराव से लोगों से उठानी पड़ रही है। खेल खलिहान भी जलभराव की चपेट में आ गए। चना, मटर, सरसों व आलू की खेती करने की तैयारी कर चुके किसानों के निराशा हाथ लगी। दूसरी ओर तैयार होने के करीब पहुंची धान की फसल गिर जाने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
मेले की दुकानों में भरा पानी, 50 लाख का नुकसान : मंगलवार की शाम से हुई बारिश के चलते स्थानीय रामलीला ग्राउंड में हुए जलभराव से मेले में आई दूरदराज के दुकान में पानी में डूब गईं जिससे लोगों को काफी नुकसान हुआ है। अधिकतर दुकानदार अपने-अपने सामान को समेटकर सड़कों पर लाकर ढके दिखे तो कई लोग सामान को समेट कर वापस घर लेकर चले गए। बारिश होने से मेला देखने ग्रामीण भी कम ही आए। बीती रात हुई बारिश से ग्राउंड में जलभराव हो गया जिससे लोगों का लगभग 50 लाख रुपये के नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है।
अधिकतर फसलें बर्बाद, बोआई में भी होगी देरी
भारी बरसात से 2102 हेक्टेयर में बोई गई तोरिया की फसल लगभग नष्ट हो गई। 6412 हेक्टेयर में बोई गई उरद, 266 हेक्टेयर में बोई गई मूंग, 4850 हेक्टेयर में अरहर का उत्पादन प्रभावित होने का अंदेशा है। 1102 हेक्टेयर में बोई गई तिल की फसल को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। अगेती धान की फसल बरसात के साथ चल रही तेज हवाओं के चलते खेतों में गिर गई। जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। किसान सरसों, चना, मटर एवं मसूर की बोआई प्रारंभ कर चुके हैं। बारिश के कारण खेत में अत्यधिक नमी की वजह से अब इन फसलों की बोआई में विलंब होगा।
मार्गों पर गिरे पेड़, यातायात प्रभावित
गुरुवार को मूसलाधार बारिश के साथ तेज हवा से जगदीशपुर-बाजार शुकुल मार्ग के साथ कई मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हो गया। सूचना के बाद वन विभाग की टीम घंटों बाद मौके पर पहुंची और पेड़ काट कर सड़क से हटाया तो आवागमन बहाल हो सका। इस दौरान लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
प्राथमिक स्कूलों में भरा पानी
बाजार शुकुल (अमेठी)। दो दिन से हो रही मूसलाधार बारिश से कई परिषदीय विद्यालय जलभराव की चपेट में आ गए। शिक्षण कक्षों में पानी घुस गया है। कुछ जगहों पर बरसात की वजह से विद्यालय भवनों की छतें भी टपकती मिलीं। बारिश से पढ़ाई व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। अधिकतर विद्यालयों में नाम मात्र के विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर, प्राथमिक विद्यालय पूरे स्वयंवर शुकुल तथा प्राथमिक विद्यालय छज्जू मोहिद्दीनपुर समेत दर्जनों स्कूलों में पानी भरा हुआ है। शिक्षक तो किसी तरह विद्यालय गेट तक पहुंच पा रहे हैं लेकिन बच्चे जो आते भी हैं वह पानी भरा देख कर घर वापस चले जाते हैं। (संवाद)
बिजली गिरने से मोबाइल टावर जला
सिंहपुर (अमेठी)। शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के तिवारीपुर मजरे सेमरौता गांव में लगा वोडाफोन टावर आकाशीय बिजली से क्षतिग्रस्त हो गया। जिसके चलते वोडाफोन ग्राहकों की सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई है। इंजीनियर हेमेंद्र सिंह ने बताया कि टावर पर आकाशीय बिजली गिरने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। बताया कि आकाशीय बिजली टावर पर गिरने से आईपीएमएस और बैट्री बैक अप सिस्टम पूरी तरह तबाह हो गया है। (संवाद)
100 मिमी. से अधिक हुई बरसात
कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरके आनंद ने बताया कि पिछले 24 घंटे में जिले में 100 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हुई है। इस बारिश से धान की लंबी अवधि की प्रजातियों को काफी फायदा हुआ है। धान की कम अवधि की प्रजातियाें के साथ तिल, उरद, मूंग तथा सब्जियों की ख्रेती को नुकसान हुआ है। बताया कि पिछले 24 घंटे में 142.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। शुक्रवार को भी ऐसे ही मौसम खराब रहने की संभावना है तथा नौ अक्टूबर तक छिटपुट बारिश होती रहेगी।
मकान धराशायी, मवेशी की दबकर मौत
तिलोई/भादर (अमेठी)। अक्तूबार माह में बेमौसम हुई बरसात के बीच अलग-अलग गांवों में कई कच्चे मकान जमींदोज हो गए। एक मकान के मलबे में दबकर मवेशी की मौत हो गई। मकान गिरने के बाद कोई जनहानि न होने से प्रशासन से राहत की सांस ली। मकान गिरने की सूचना पर गांव पहुंचे राजस्व कर्मी क्षति का आकलन कर पीड़ितों को सहायता दिलाने की कवायद में जुटे हैं।
तिलोई ब्लॉक की ग्राम पंचायत भेलाई खुर्द गांव में गुरुवार की सुबह चार बजे के करीब तेज बारिश के दौरान सिराज अहमद का कच्चा मकान भरभरा गिर गया। बरसात के दौरान घर के लोग बरसात से बचने के लिए बाहर बैठे थे जिससे वे तो बच गए लेकिन बगल में बंधी बकरी की मौत हो गई। दूसरी घटना में भादर ब्लॉक क्षेत्र के पनवरिया मजरे अग्रेसर गांव निवासी रामप्रताप विश्वकर्मा का कच्चा मकान बरसात के बीच अचानक भरभरा कर गिर गया। परिवार के लोग घर के पास स्थित टिन शेड में थे जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। मकान के मलबे में पीड़ित परिवार का खाद्यान्न, बिस्तर, चारपाई, कपड़े व बर्तन समेत सारी गृहस्थी दब कर बर्बाद हो गई।
40 : संग्रामपुर : बरसात के बाद खेत में गिरी धान की फसल। -संवाद- फोटो : AMETHI