अमेठी सिटी। ग्रामीण अंचल में भी वैवाहिक आयोजनों के लिए मैरिज हॉल/लॉन लोगों की पहली पसंद बन गए हैं। आलम यह है कि जिले के करीब 250 मैरिज हॉल में कोई भी वैवाहिक मुहूर्त में खाली नहीं है। लोगों की बढ़ती मांग को लेकर बड़ी संख्या में मैरिज हॉल का निर्माण भी हो रहा है।
गोदभराई, सगाई, तिलक, विवाह व बहू भोज के कार्यक्रमों के लिए अब ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी मैरिज हॉल को प्राथमिकता दे रहे हैं। लोगों की बढ़ती मांग को देखते हुए नए मैरिज हॉल भी बन रहे हैं। जिले में 250 से अधिक मैरिज हॉल संचालित हैं तो कई का निर्माण अंतिम दौर में है। मैरिज हॉल में वैवाहिक कार्यक्रमों से खर्च में करीब 25 से 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है, लेकिन सुविधाओं के लिहाज से लोग इसे मुफीद मान रहे हैं।
यहां साज-सज्जा से लेकर लाइटिंग तक की व्यवस्था है। पैसा देने पर अन्य सहूलियतें भी एक ही स्थान पर मिल जाती हैं। लोगों को कहीं भटकना नहीं पड़ता है। मैरिज हॉल के क्रेज का यह आलम है कि जिले में 14 दिसंबर तक के वैवाहिक मुहूर्त में सभी बुक हैं।
जनवरी से जून तक बुक हो चुके अधिकांश मैरिज हॉल
मैरिज हॉल में शादी के बढ़ते क्रेज का आलम यह है कि जनवरी में 10, फरवरी में 14, मार्च में पांच, मई में 15 व जून में पांच शुभ मुहूर्त हैं। इन मुहूर्तों पर अधिकांश मैरिज हॉल बुक हो चुके हैं। एक दिन में एक ही कार्यक्रम होने से लोगों को मजबूरी में गांव व घर में कार्यक्रम आयोजित करने पड़ रहे हैं।
मांग के अनुसार तय होती धनराशि
मैरिज हॉल संचालक डीएम तिवारी ने बताया कि लाइट, टेंट, सौंदर्यीकरण, जयमाल स्टेज सहित अन्य की मांग के अनुसार रेट तय होता है। फिलहाल न्यूनतम 50 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक की बुकिंग होती है। विकास भवन के सामने संचालित गेस्ट हाउस के संचालक राजेंद्र जायसवाल ने बताया कि सुविधाओं की मांग के अनुसार रेट निर्धारित किया जाता है। गौरीगंज के सौभाग्य मंडप के मालिक शुभम मिश्र ने बताया कि 80 हजार रुपये में बुकिंग होती है। सिर्फ कैटर्स का खर्च आयोजक को वहन करना होता है। जेएस रेजीडेंसी के मालिक नागेंद्र सिंह ने बताया कि आयोजक की मांग के अनुसार रेट निर्धारित होता है।