अमेठी सिटी। समितियों पर एक काउंटर पर यूरिया के लिए 200 से अधिक किसान कतार में लग रहे हैं। ई पॉस मशीन के माध्यम से एक किसान को खाद देने में चार से पांच मिनट का समय लग रहा है। ऐसे में घंटों इंतजार के बाद किसानों को यूरिया मिल पा रही है। मैनपावर की कमी का दंश किसानों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं कई समितियों पर यूरिया होने के बाद भी वितरण नहीं हो रहा है।
जिले में 70,500 बोरी इफको यूरिया की रैक आने के बाद इफको सेंटरों व समितियों पर भेजी जा रही है। गौरीगंज इफको केंद्र पर शुक्रवार को करीब 1100 बोरी यूरिया उपलब्ध थी। यहां पर करीब 400 से अधिक किसान लाइन में लगे थे। दो काउंटर संचालित मिले। मौजूद कर्मियों की मानें तो एक किसान को खाद देने में चार से पांच मिनट का समय लग जाता है। शनिवार को क्लोजिंग होने के कारण 2:30 बजे तक काउंटर संचालित होने से करीब 200 किसानों को यूरिया मिल पाई। अन्य किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
किसान राजकुमार ने बताया कि सुबह सात बजे से वह लाइन में लगे थे। एक बजे यूरिया मिल पाई। कहा कि भीड़ को देखते हुए काउंटर बढ़ाए जाने चाहिए, जिससे किसानों को घंटों कतार में न लगना पड़े और सुविधाजनक तरीके से यूरिया मिल सके। किसान राहुल, सीमा, सुनील कुमार, आशीष, सुरेश आदि ने बताया कि कई समितियों पर यूरिया का वितरण नहीं हो रहा है। ऐसे में जहां वितरण हो रहा है, वहां काउंटर बढ़ जाएं तो किसानों को आसानी से यूरिया मिलने लगे।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव ने बताया कि रैक पॉइंट से यूरिया समितियों व इफको केंद्रों पर भेजी जा रही है। शाम तक उम्मीद है कि सभी केंद्रों पर यूरिया पहुंच जाएगी। बताया कि समितियों को कोड उपलब्ध कराकर यूरिया का वितरण कराने का निर्देश संबंधित को दिया गया है।
यूरिया उपलब्ध, फिर भी नहीं हो रहा वितरण
अमेठी के ताला साधन सहकारी समिति पर दो दिन पूर्व 300 बोरी यूरिया पहुंची है, लेकिन समिति पर ताला लटक रहा है। यहां मिले किसान विनोद कुमार शुक्ल ने बताया कि समिति पर यूरिया है, लेकिन वितरित कब होगी, इसकी जानकारी नहीं मिल रही है। गौरीगंज के माधोपुर स्थित साधन सहकारी समिति पर शुक्रवार को 400 बोरी यूरिया पहुंची थी। समिति पर तैनात एक मात्र सचिव के अवकाश पर होने से ताला लटकता मिला। इसके अलावा खेरौना, राजापुर अमेरुआ, चंदौकी, परियार सहित कई समितियों पर यूरिया नहीं पहुंच पाई थी।