गौरीगंज (अमेठी)। कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामले के बीच स्वास्थ्य विभाग के मुुखिया ने जिले की एसपी पर चार दिन पूर्व पुलिस लाइन में 35 पुलिस कर्मियों के एकत्र सैंपल को नष्ट करा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में संचारी निदेशक को लिखित पत्र भेजा है।
जिले में पांच मई से शुरू हुआ कोरोना मरीजों के मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इसकी चेन को तोड़ा जा सके इसके लिए जिला अस्पताल के साथ ही नेशनल मेडिकल मोबाइल यूनिट के माध्यम से जगह-जगह कैंप लगाकर सरकारी कर्मचारियों व अन्य के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पिछले पांच मई को एनएमएमयू की एक टीम सुबह अमेठी शहर स्थित पुलिस लाइन पहुंची थी।
टीम में शामिल चिकित्सकों व कर्मियों ने 35 पुलिस कर्मियों का सैंपल एकत्र किया था कि इसी बीच एसपी डॉ. ख्याति गर्ग पुलिस लाइन पहुंच गईं। आरोप है कि एसपी ने टीम को नमूने लेने से मना करते हुए एकत्र नमूने नष्ट करवा दिए। एसपी द्वारा नमूने नष्ट करने की जानकारी मिलने के बाद नेशनल मेडिकल मोबाइल यूनिट के जिला पर्यवेक्षक गिरीश कुमार सिंह ने इस संबंध में लिखित शिकायत सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव से की। पत्र मिलते ही सीएमओ ने भी इस संबंध में एक पत्र संचारी निदेशक को भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया। चार दिन तक दबा यह मामला गुरुवार को तब सामने आया जब जिला पर्यवेक्षक व सीएमओ के लिखे पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। पत्र वायरल होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा है।
एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने पुलिस लाइन में एकत्र नमूनों को नष्ट कराने के आरोपों को सिरे से खारिज किया। कहा कि वे पांच जुलाई को पौधरोपण करने पुलिस लाइन गई थीं। वहां एनएमएमयू की टीम नमूने ले रही थी। उन्होंने आरआई से कहा कि अभी नमूने एकत्र करने का काम रुकवा दो। मैं इस संबंध में एएसपी से बात करूंगी। मेरे कहने पर छह जुलाई को दोबारा टीम पुलिस लाइन गई और 63 पुलिस कर्मियों के नमूने लिए। पांच जुलाई को लिए गए नमूनों का क्या हुआ इसके बारे में टीम ही बेहतर जानकारी दे सकती है।