अमेठी सिटी। गैंगस्टर के 14 वर्ष पुराने मामले में वाराणसी जेल में निरुद्ध आरोपी संदीप शुक्ल को विशेष न्यायाधीश राकेश यादव की अदालत ने दोषी ठहराते हुए आठ वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत में पेशी के दौरान आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी हुई।
सुनवाई के समय आरोपी की ओर से जेल अधीक्षक के माध्यम से पत्र भेजा गया, जिसमें आर्थिक स्थिति कमजोर होने और पैरवी करने वाला कोई न होने की बात कही गई। पत्र में जुर्म स्वीकार करते हुए कम दंड देकर प्रकरण समाप्त करने का अनुरोध किया गया। वहीं विशेष लोक अभियोजक ने गंभीर अपराध बताते हुए कड़ी सजा देने की मांग की। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
यह मामला वर्ष 2012 का है। तत्कालीन थाना प्रभारी जैनुद्दीन अंसारी ने 24 जुलाई की घटना के आधार पर संदीप शुक्ल समेत तीन लोगों के खिलाफ गैंगस्टर की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विचारण के दौरान एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है, जबकि दूसरे का मामला अलग चल रहा है।