गौरीगंज कस्बे में बाइक पर बारिश से बचाव के छाता लगाकर बैठी महिला। संवाद
अमेठी सिटी। सितंबर की विदाई के साथ अमेठी में मौसम ने करवट ली है। बुधवार रात से शुरू हुई रिमझिम बारिश शुक्रवार को भी रुक-रुककर होती रही। इससे गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन सड़कों पर कीचड़ व फिसलन से लोगों की परेशानी बढ़ गई।
जिले में 14.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश न होने से बड़े जलभराव की स्थिति नहीं बनी। हालांकि, कई स्थानों पर रास्तों के किनारे पानी और कीचड़ जमा रहा। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को फिसलन के बीच गुजरना पड़ा। अभिभावक सुनील कुमार ने बच्चों को स्कूल भेजने में दिक्कत बताई।
लोगों ने कहा कि गर्मी कम हुई है, पर कीचड़ के कारण चलना मुश्किल हो गया है। ऑरेंज अलर्ट के चलते प्रशासन सक्रिय है। डायल 112 के वाहनों से लोगों को जर्जर मकानों में न रहने के लिए सचेत किया जा रहा है। राजस्व टीमें गांवों में निगरानी कर रही हैं।
धान की फसल को लाभ
दो दिनों की रिमझिम बारिश से किसानों ने राहत जताई है। रामेंद्र सिंह, विपिन कुमार समेत अन्य किसानों ने बताया कि धान की फसल को पर्याप्त नमी की जरूरत है। बारिश से खेतों में नमी बनी रहेगी, जिससे फसल की बढ़वार में फायदा होगा। इससे सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा। किसानों ने रिमझिम बारिश को धान के लिए अधिक उपयोगी बताया।
बाजार और स्वास्थ्य पर असर
हल्की बारिश का असर शुक्रवार को कारोबार पर भी पड़ा। दुकानदार राजेश कुमार ने बताया कि ग्राहक कम पहुंचने से कारोबार प्रभावित हुआ। दुकानों के सामने कीचड़ होने से भी परेशानी रही। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार, शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चिकित्सक डॉ. अरुण वर्मा ने बारिश और तापमान बदलाव से सर्दी-जुकाम बढ़ने की आशंका जताई है।