अमेठी। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान से संबद्ध जन शिक्षा समिति काशी प्रदेश की ओर से आयोजित तीन दिवसीय प्रधानाचार्य योजना बैठक का समापन सोमवार को हुआ। बतौर मुख्य अतिथि मानक परिषद व उत्तर प्रदेश क्षेत्र संपर्क प्रमुख राजेंद्र बाबू ने कहा कि पहला शिशु मंदिर 1952 में गोरखपुर में स्थापित हुआ। इसके प्रथम प्रधानाचार्य कृष्णकांत वर्मा थे। आज देश में 25 हजार विद्या भारती के विद्यालय हैं। कहा कि विद्यालय के विकास में संपर्क एक सशक्त माध्यम है। प्रतिदिन एक संपर्क जरूरी है। हमारा उद्देश्य राष्ट्र का निर्माण करना है, हमें ऐसी युवा पीढ़ी का निर्माण करना है जो हिंदुत्व निष्ठ व राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो।
कार्यक्रम में मौजूद काशी प्रांत के 12 जनपदों से आए 90 प्रधानाचार्यों का आभार प्रधानाचार्य व प्रान्त प्रचार प्रमुख संतोष मिश्र ने जताया। इस मौके पर सेवा शिक्षा संयोजक नेपाल व पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के योगेश, जन शिक्षा समिति काशी प्रदेश मंत्री अनुग्रह नारायण मिश्र, प्रदेश निरीक्षक राजबहादुर दीक्षित, संभाग निरीक्षक वीरेंद्र सिंह व कमलेश, सह विभाग प्रचारक ओम प्रकाश, सरस्वती शिक्षा मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक ओंकार नाथ शुक्ल आदि मौजूद रहे।