जगदीशपुर स्थित रायबरेली-अयोध्या हाईवे पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज। -संवाद
जगदीशपुर (अमेठी)। रायबरेली-अयोध्या हाईवे के बाईपास और ओवरब्रिज निर्माण कार्य में विभागीय लापरवाही अब जानलेवा साबित हो रही है। डेढ़ माह पूर्व पूरे शोहरत रेलवे क्रॉसिंग पर हुए मालगाड़ी हादसे के बाद भी निर्माण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है।
अधूरे निर्माण के कारण जाम और दुर्घटनाएं आम बात हो गई हैं। जगदीशपुर से अयोध्या धाम फोरलेन हाईवे को लखनऊ-वाराणसी हाईवे और रायबरेली मार्ग से जोड़ने वाला यह बाईपास क्षेत्र की लाइफलाइन बन सकत है लेकिन निर्माणाधीन ओवरब्रिज की धीमी रफ्तार से राहगीरों को घंटों जाम का सामना करना पड़ता है।
मंगौली से सिधियांवा गांव तक यह बाईपास तथा श्रीरामगंज से रायबरेली तक टू लेन सड़क 370 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है। विभाग भले ही 90 फीसदी काम पूरा होने का दावा कर रहा हो लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
स्थानीय निवासी अशोक तिवारी, संतोष पांडेय, राजेश्वर प्रताप सिंह व चिरंजीव पांडेय सहित अन्य लोगों का कहना है कि यदि बाईपास समय से बन गया होता तो रेलवे क्रॉसिंग पर हुए मालगाड़ी के हादसे से बचा जा सकता था। यह पुल चालू होता तो रात में ट्रैक पर फंसी बस को भी बचाया जा सकता था।
तीन माह में काम पूरा होने का दावा
जगदीशपुर बाईपास और रायबरेली तक टू लेन सड़क का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा।
-विकल्प सिंह, अवर अभियंता, एनएचएआई