कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देते भाजपा के पदाधिकारी। -संवाद
अमेठी सिटी। तहसील अमेठी के ठेंगहा में भाजपा जिलाध्यक्ष सुंधाशु शुक्ल व बीएलओ के बीच विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिलाध्यक्ष पहली बार इस मामले को लेकर सामने आए हैं। विपक्ष जहां इसको लेकर हमलावर हैं, वहीं भाजपा पदाधिकारियों ने इस मामले को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा है।
पदाधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं पर फर्जी नाम जोड़वाने व वैध मतदाताओं के नाम कटवाने का आरोप लगाया है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने बीएलओ के पति पर आरोप लगाते हुए डीएम से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास अमेठी में लोकतंत्र को कुचलने, बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान के सहारे चुनाव जीतने का रहा है। आरोप लगाया कि कांग्रेस को जनता पर विश्वास नहीं है, इसलिए वह हर चुनाव में वोट चोरी का रास्ता अपनाती है।
उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में जगदीशपुर और गौरीगंज विधानसभा क्षेत्रों में फर्जी मतदान कराकर चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया। कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में कांग्रेस सुनियोजित साजिश के तहत फर्जी नाम जुड़वा रही है और भाजपा समर्थकों, दलितों, पिछड़ों व सामान्य वर्ग के मतदाताओं के नाम कटवाने का षड्यंत्र रच रही है।
बदनाम करने के लिए दिया मनगढ़ंत शिकायती पत्र : उन्होंने चार फरवरी की घटना का हवाला देते हुए बताया कि अमेठी विधानसभा के ठेंगहा स्थित बूथ संख्या 207 व 208 पर विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। आरोप है बैठक समाप्त होने के बाद कांग्रेस जिला सचिव राकेश कुमार मौर्य पत्नी सुभद्रा के साथ पहुंच गए। सुभद्रा अन्य बूथ की बीएलओ हैं। गांव में पहुंचकर मतदाताओं को डराकर फॉर्म छह भरने से मना किया और माहौल खराब करने की कोशिश की।
कार्यकर्ताओं ने विरोध किया तो बीएलओ और उनके पति वहां से चले गए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि इसके बाद कांग्रेस जिला सचिव ने उन्हें बदनाम करने के लिए एक मनगढ़ंत प्रार्थना पत्र उप जिलाधिकारी को दिया, जिससे प्रशासन को गुमराह कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास सामने आया।