अमेठी सिटी। होली का त्योहार घर पर मनाने के बाद वापस लौटने वालों को ट्रेन के सफर में काफी परेशानी उठाना पड़ रही है। प्रमुख शहरों की तरफ जाने वाली ट्रेनों में 15 अप्रैल तक नो रूम की स्थिति तो अन्य दिनों में वेटिंग सूची का आंकड़ा 150-200 के बीच चल रहा है। तत्काल का टिकट पाने में भी चल रही मारामारी के कारण लोगों का यात्रा करना चुनौती बन गया है। गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोगों को किसी तरह साधारण कोच भारी धक्का मुक्की व परेशानी के बीच यात्रा करना पड़ रही है।
होली के त्योहार के बाद घर आए परदेसी लोगों की वापसी के कारण अगले सप्ताह तक विभिन्न शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में सीटें फुल हैं। प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग के बावजूद यात्रियों की भारी भीड़ है। इस कारण टिकट कन्फर्म नहीं होने पर सामान्य बोगी में घुसना तक चुनौती बना है। बुधवार को गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर तत्काल कोटे का टिकट बुक नहीं हो पाने से निराश बेनीपुर गांव निवासी रामकुमार गुप्ता ने बताया कि मुंबई जाने के लिए तत्काल का टिकट पाने के लिए रात से कतार में लगने के बावजूद कन्फर्म टिकट बुक नहीं हो सका है।
इसी तरह संभुई निवासी पकंज कुमार ने बताया कि दिल्ली का तत्काल टिकट बुक कराने आए थे, लेकिन नंबर आने तक वेटिंग 50 के पार हो गई। इसी तरह राम प्रकाश, सजीव सिंह, विकास मौर्य पंजाब का टिकट बुक कराने आए थे। टिकट नहीं मिला तो निराश होकर लौटना पड़ा। कमला नगर के रहने वाले कपिल वर्मा ने बताया कि टिकट नहीं मिल पा रहा है। इसलिए जनरल बोगी में सफर करना मजबूरी है।
इन ट्रेनों में लंबी वेटिंग
लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी रेन ट्रैक से दिल्ली जाने वाली मालदा टाउन एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस व पद्मावत एक्सप्रेस में चार दिन तक वेटिंग चल रही है। उद्योग नगरी में 15 अप्रैल तक वेटिंग का आंकड़ा 182 के पार है। पंजाब मेल में भी तीन दिन तक नो रूम तो उसके बाद लंबी वेटिंग है। भोपाल-प्रतापगढ़, अर्चना एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों का भी यही हाल है।
सप्ताहभर कायम रहेगी मारामारी
लोग एक दिन पहले से आरक्षण केंद्र पर नंबर लगा रहे हैं। प्रतिदिन एसी में करीब सात से 10 तो स्लीपर में 15-20 फार्म दिए जा रहे हैं। इसमें से एसी में दो-तीन तो स्लीपर में पांच-छह लोगों को ही तत्काल टिकट मिल पा रहा है। ट्रेनों में सीटों की मारामारी की स्थिति करीब एक सप्ताह तक कायम रहने की उम्मीद है।
प्रवीण सिंह, स्टेशन अधीक्षक