अमेठी। आबादी भूमि पर होने वाले विवादों के निस्तारण के लिए शासन के निर्देशों के राजस्व गांवों में स्वामित्व निर्धारित दूसरे चरण में 253 राजस्व गांवों में घरौनी तैयार होगी।
शुक्रवार को तहसीलदार ने राजस्व कर्मियों के साथ बैठक कर भू स्वामित्व योजना के तहत आबादी की जमीनों का ड्रोन के माध्यम से सर्वे कर घरौनी तैयार करने की विधि विस्तार से समझाते हुए 25 नवंबर तक सर्वे प्रपत्र पांच तैयार करने का निर्देश दिया।
ग्रामीण क्षेत्र में आए दिन आबादी भूमि पर स्वमित्व को लेकर होने वाले विवादों को निस्तारित करने के लिए शासन ने खेतों की खतौनी के तर्ज पर आबादी की भूमि पर भू-स्वामित्व दस्तावेज तैयार करने की योजना बनाई है।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तहसील के ताला व ज्ञानचंद्र पुर गांव की घरौनी तैयार कर वितरित करने के बाद दूसरे चरण में तहसील के 253 राजस्व गांवों का चयन किया है। चयनित गांवों में आबादी की जमीनों पर बने मकानों के सर्वे का कार्य कर स्वामित्व का निर्धारण किया जाएगा।
कवायद सफल हो सके इसके लिए शुक्रवार को तहसीलदार दिग्विजय सिंह ने लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों के साथ बैठक कर स्वामित्व प्रमाण पत्र तैयार की विधि विस्तार से समझाते हुए 25 नवंबर तक प्रपत्र पांच तैयार करने का निर्देश दिया है। तहसीलदार ने प्रपत्र पांच तैयार करने में लापरवाही या स्वामित्व निर्धारण में गड़बड़ी करने की दशा में कार्रवाई की चेतावनी दी है।