गौरीगंज थाने में समाधान दिवस में शिकायत करने पहुंचे फरियादी।
अमेठी सिटी। थानों पर शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में जमीन संबंधी विवाद के प्रकरण ज्यादा आए। कहीं पुश्तैनी मकान के पुनर्निमाण में अड़चन तो कहीं रास्ता रोकने और खातेदारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर लोग परेशान दिखे। फरियादियों को टीम गठित कर जांच कराने का आश्वासन देकर भेज दिया गया। वहीं, गौरीगंज में राजस्व अधिकारी नहीं पहुंचे, पुलिस अफसराें ने ही सारे मामले सुने।
गौरीगंज कोतवाली में समाधान दिवस के दौरान मझवारा के बनियापुर गांव से पहुंचे शिव कुमार ने आठ ग्रामीणों के साथ रास्ते पर कब्जे करने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि कुछ लोग उनके घर को जाने वाले सार्वजनिक मार्ग को बाधित कर रहे हैं और विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। इसी तरह पठानपुर के रामदेव ने अपने खाते की भूमि पर कब्जा किए जाने की बात कही। उनका कहना था कि सीमांकन के बावजूद दूसरे पक्षे के लोग मेड़ बनने नहीं दे रहे हैं।
पहाड़गंज की अनीता ने बताया कि ससुर की मृत्यु के बाद कुछ लोगों ने उनके खेत पर दावा ठोक दिया है और उन्हें खेती नहीं करने दे रहे। इंस्पेक्टर श्याम नारायण पांडेय ने इन सभी मामलों में पुलिस टीम गठित कर राजस्व विभाग से समन्वय कर समाधान कराने की बात कही।
नहीं बना पा रहीं पुश्तैनी मकान
फुरसतगंज (अमेठी)। थाना समाधान दिवस में पूरे सधान गिरी गांव की रंजू देवी ने थानाध्यक्ष श्रीराम पांडेय से शिकायत की कि उनका पुश्तैनी मकान गिर गया था, जिसे दोबारा बनवाने की कोशिश की जा रही है। गांव के एक व्यक्ति ने निर्माण रोक दिया है और पुलिस के माध्यम से बार-बार बाधा डलवा रहा है। रंजू देवी ने बताया कि सारा सामान बाहर पड़ा है, बारिश में सब खराब हो रहा है। इसपर थानाध्यक्ष ने तत्काल जांच टीम रवाना की।
कमरौली थाने में भूमि विवादों की भरमार
कमरौली। (अमेठी)। थाना समाधान दिवस में नौ शिकायतें सामने आईं। सिंदुरवा गांव के रशीद ने आरोप लगाया कि तीन दशक से कब्जे में रही भूमि को विपक्षी अपना बता रहे हैं। एसडीएम अभिनव कन्नौजिया ने चकबंदी टीम को जांच सौंप दी। नियावां के मुश्ताक ने एक व्यक्ति पर जबरन निर्माण करने का आरोप लगाया, वहीं रसूलपुर के सलीम ने खंभा लगने से रोकने की शिकायत की। सभी मामलों में अलग-अलग टीमें गठित कर कार्रवाई शुरू की गई है।