गौरीगंज(अमेठी)। अमेठी शहर की पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 19.12 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके लिए पुनर्गठन पेयजल योजना को अमृत 2.0 में शामिल किया गया है। जिसकी कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही 35.4 किमी. पाइप लाइन बिछाने के साथ ही 36 सौ कनेक्शन देकर जलापूर्ति की जाएगी। अमेठी नगर पंचायत के 12 वार्ड में रहने वाले शहरवासी बीते कई वर्षों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। शहर स्थित दुर्गापुर रोड पर जलापूर्ति के लिए चार नलकूप के साथ 1400 केएल क्षमता की तीन पानी की टंकियां स्थापित हैं। दस वर्षों से जलापूर्ति के लिए बिछाई गई पाइप लाइन ध्वस्त होने व नलकूप खराब होने से जलापूर्ति ठप पड़ी है। एक ओर लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है तो वहीं स्थापित उपकरण, टंकी व नलकूप लोगों के लिए दिखावा साबित हो रहे हैं।
शहर वासियों की समस्या को देखते हुए पेयजल परियोजना को पुनर्गठन पेयजल योजना अमृत 2.0 के तहत शामिल किया गया है। इसमें शामिल होने के बाद जलनिगम की ओर से लगभग 19.12 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव मंजूर होने व धनावंटन के बाद 35.4 किलोमीटर पाइप लाइन, तीन पुराने नलकूपों का रिबोर, एक नवीन टंकी 750 किलो लीटर की पानी की टंकी के साथ ही दो नवीन पंप हाउस टयूबवेल का निर्माण होगा।
जलापूर्ति के लिए बांटे गए चार जोन
- नए सर्वे के अनुसार नगर पंचायत क्षेत्र की करीब 18 हजार की आबादी और 3600 घरों को जलापूर्ति से आच्छादित करने को लेकर चार जोन में बांटा गया है। जिसमें एक पानी टंकी और एक नलकूप रेलवे लाइन के दक्षिणी ओर बनेगा, जिससे वहां की आबादी को जलापूर्ति होगी। दूसरी 750 केएल क्षमता की पानी टंकी व दो नए नलकूप अमेठी गौरीगंज मार्ग स्थित बाईपास के पास स्थापित होंगे। रेलवे लाइन के उत्तरी ओर की आबादी को नई पुरानी चारों पानी की टंकियों से जलापूर्ति होगी।
पांच करोड़ खर्च, फिर भी नहीं मिला एक बूंद पानी
अमेठी। 2015 में बंद पड़ी पेयजल परियोजना की जलापूर्ति शुरू कराने व मरम्मत के लिए करीब पांच करोड़ स्वीकृत हुए थे। वर्ष 2016-17 दो किस्तों में धनराशि भी मिली। इससे परसावां, बेनीपुर प्रथम और द्वितीय, आवास विकास के समीप स्थित नलकूपों का रीबोर कराया गया था।
जलापूर्ति के लिए 36 किलोमीटर की तुलना में करीब 17 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई गई। एक चार केएल क्षमता की नई टंकी का निर्माण व बाउंड्रीवाल का भी निर्माण कराया गया। पांच करोड़ खर्च होने के बाद भी एक बूंद पानी लोगों को नसीब नहीं हुआ।
मंजूरी मिलते ही शासन ने भेजा प्रस्ताव
परियोजना पुनर्गठन के लिए 19.12 करोड़ रुपये का साथ प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही कार्य पूर्ण कराकर लोगों को पेयजलापूर्ति की सुविधा से लाभान्वित किया जाएगा।
मो. आमीर, जेई उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय डिवीजन सुल्तानपुर