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Amethi News: बच्चों की थाली पोषण से खाली

Tue, 10 Sep 2024 03:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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उच्च प्राथमिक विद्यालय इस्माइलपुर में खाना खाते बच्चे। 
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अमेठी सिटी। महंगाई दिन पर दिन बढ़ रही है। इसका सबसे अधिक असर खाद्य सामग्री पर पड़ रहा है। इससे सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की लागत भी बढ़ रही है। वहीं, बच्चों को कन्वर्जन कास्ट की तय धनराशि में ही पौष्टिक भोजन देना है। ऐसे में शिक्षक मुश्किल में हैं कि तय कन्वर्जन कास्ट में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन कैसे खिलाया जाए।
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जिले में 1848 विद्यालयों में इस सत्र में 1.48 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। प्राथमिक स्तर पर प्रति छात्र 5.45 रुपये और उच्च प्राथमिक स्तर पर प्रति छात्र 8.17 रुपये कन्वर्जन कास्ट की दर निर्धारित है। भोजन बनाने के लिए गेहूं व चावल निशुल्क मिल रहा है। लेकिन ईंधन, तेल, मसाला, दाल, सब्जी, नमक आदि सभी चीजें इसी कन्वर्जन कास्ट से खरीदी जाती हैं। शिक्षकों का कहना है कि अगर तेल दो वर्ष पहले सौ रुपये प्रति लीटर था, वर्तमान में यह दो सौ रुपये के आसपास हो गया है। मसाला व अन्य सामग्री भी महंगे हैं। गैस के दाम भी लगभग दोगुने हो गए हैं। इससे मध्याह्न भोजन बनवाने में कठिनाई हो रही है। इसी धनराशि में प्रति सप्ताह बच्चों को दूध भी पिलाना पड़ रहा है।
शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जो दर शासन स्तर से निर्धारित है, उसी में पूरा मध्याह्न भोजन बनवाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कन्वर्जन कास्ट नहीं बढ़ाई गई तो इस लागत में भोजन बनाना कठिन हो जाएगा।
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शासन स्तर से होता है निर्धारण
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि कन्वर्जन कास्ट शासन स्तर से तय होता है। बच्चों को मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है।
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