अमेठी सिटी। मौसम में बदलाव होने से बच्चे वायरल और बैक्टीरियल डायरिया से बीमार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में हर रोज करीब 15 बच्चे इससे ग्रसित होकर आ रहे हैं।जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक-उल्ल-जमा का कहना है कि गर्मी के दिनों में बच्चों का अधिक ध्यान रखने की जरूरत होती है। बच्चों को डायरिया, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हो जाती है। छह माह से एक साल के बच्चों में डायरिया होने का अधिक खतरा रहता है। बताया कि गर्मी में कुपोषित बच्चों का अधिक ध्यान रखने की जरूरत होती है। कहा कि डायरिया होने पर बच्चों को ओआरएस घोल के साथ दूध-दही और तरल पदार्थों का अधिक सेवन कराना चाहिए।
मंगलवार को ओपीडी में 765 मरीजों ने पंजीकरण करवाया। इनमें बुखार के 369, खांसी के 89, जुकाम के 84 समेत अन्य बीमारी से ग्रसित मरीज शामिल रहे।
डायरिया के लक्षण
-बार बार मल आना और बुखार होना
-पेट में दर्द या मरोड़ होना
-शरीर में पानी की कमी होना
-वजन कम होना और पेशाब कम आना
ऐसे करें बचाव
- बच्चे को ताजा खाना खिलाएं
- दस्त होने पर ओआरएस का घोल दें
- बाहर के खाने और जंक फूड से परहेज करें
- पानी उबाल कर या फिल्टर कर ही पिलाएं
- गर्मी से बचाव और सफाई का ध्यान रखें
मरीजों का हो रहा उपचार
सीएमएस डॉ बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि मौसम में बीमारी बढ़ती है। बीमारी बढ़ने से अस्पतालों में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। ओपीडी में डॉक्टर मरीजों का नियमित उपचार कर रहे हैं। फिलहाल मरीज दवा से सही हो रहे हैं। भर्ती करने जैसे स्थिति मरीजों में नहीं है।