सफलता पर जान्हवी को मिठाई खिलातीं मां।
अमेठी। वाराणसी में असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी के पद पर तैनात जान्हवी दूबे ने सिविल सेवा की परीक्षा पास कर पिता से किया अपना वादा पूरा करके दिखाया। पांचवीं बार में सफलता मिलने के बाद जान्हवी दूबे का कहना है कि लक्ष्य तय करके प्रयास करिए, एक न एक दिन सफलता तो मिलनी ही है। जरूरत है कि अपने लक्ष्य पर अडिग रहें। डटे रहें, आगे बढ़े। जिले के संग्रामपुर ब्लाॅक की ग्राम पंचायत बनवीरपुर निवासी सेवानिवृत्त राज्यकर के एडीशनल कमिश्नर एसआईबी उमाशंकर दुबे की बड़ी बेटी जान्हवी की इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई लखनऊ के सीएमएस में हुई। इसके बाद जान्हवी ने एनआईटी कुरूक्षेत्र से इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन में बीटेक करने के बाद सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। 2018 में यूपीपीसीएस की परीक्षा पास कर ली। वर्तमान में वह असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी वाराणसी के पद पर तैनात हैं।
मंगलवार को संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम जारी किया। इसमें उसे 324 वीं रैंक हासिल हुई है। जान्हवी का कहना है कि बचपन से ही उसे अफसर बनने का सपना था। उसने पिता से इसका वादा किया था। आज खुशी हो रही है। पांचवें प्रयास में उसने यह सफलता हासिल है। उसने अपनी सफलता का श्रेय माता सुधा दूबे व पिता को दिया है। पिता उमाशंकर दूबे का कहना है कि बेटी पर उन्हें नाज है।
विचलित न हों, इरादे मजबूत रखें
- जान्हवी का कहना है कि लगातार तीन बार तक जब उसे सफलता नहीं मिली तो उसने एक साल का ब्रेक लिया। इसके बाद नये सिरे से दोबारा से तैयारी की। जिसका परिणाम यह रहा कि वह पांचवें प्रयास में आईएएस बन गई। कहा कि वर्ष 2018 में अफसर बनने के कारण प्रशासनिक दायित्वों का भी निर्वहन करना था। ऐसे में प्रतिदिन सुबह चार बजे से आठ बजे तक पढ़ाई करती थीं। इसके अतिरिक्त रविवार को अवकाश के दिन रिवीजन हो जाता था। वह कहती है कि इरादे मजबूत रखिए, सफलता अवश्य मिलेगी।