अमेठी सिटी। जिले में संचालित 1570 परिषदीय स्कूलों में कोडिंग और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस सिखाया जाएगा। पहले चरण में यह व्यवस्था 185 स्कूलों में लागू की जा रही है। इसका शुभारंभ बुधवार को पांच स्कूलों में हुआ। स्कूल पहुंचे बैंक कर्मियों ने शिक्षकों के साथ बच्चों को बैंकिंग योजना की जानकारी दी। बेसिक शिक्षा विभाग को फाइनेंशियल इंटेलिजेंस बनाने की कोशिश में जुटा है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं के साथ उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को कोडिंग सिखाई जाएगी। समग्र तकनीकी शिक्षा कार्यक्रम के तहत इन विद्यार्थियों को फाइनेंशियल इंटेलिजेंस, बिजनेस इंटेलिजेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास के पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन शिक्षा को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। बच्चे भी मोबाइल के जरिये पढ़ाई को पसंद कर रहे हैं। योजना बनाई बनाते हुए बुधवार से कार्यक्रम का शुभारंभ कर दिया। इससे बच्चों को संबंधित विषय की कोडिंग का एक शब्द लिखकर उससे जुड़ी पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। जिला समन्वयक प्रशिक्षण अभिनव पांडेय ने बताया कि बच्चों को फाइनेंशियल इंटेलिजेंस के तहत व्यापार या आर्थिक व्यवहार में सही समय पर सही निर्णय लेना सिखाया जाएगा। बिजनेस इंटेलिजेंस के जरिये बच्चों को व्यापार में सफल होने के गुर सिखाए जाएंगे।
उच्च प्राथमिक स्कूल अन्नीबैजल में केनरा बैंक कर्मियों ने तो उच्च प्राथमिक स्कूल कटरालालगंज में एचडीएफसी बैंक कर्मियों ने बच्चों को बैंकिंग से जुड़ी जानकारी दी। इसके अतिरिक्त लीला टिकरा, धनीजलालपुर, पचेहरी, खजुरी, शुकुल डीह में तकनीकी शिक्षा कार्यक्रम के तहत फाइनेंशियल इंटेलिजेंस, बिजनेस इंटेलिजेंस व कौशल विकास में शिक्षण कार्य शुरू हुआ।
वर्जन
बच्चों का बढ़ेगा वित्तीय ज्ञान
बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में कोडिंग और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस से बच्चों को बैकिंग की जानकारी होगी। बच्चे पढ़ाई के साथ कौशल विकास में दक्ष होंगेे। शिक्षा के साथ रोजगार परक शिक्षण में दक्ष होने से उनका भविष्य बेहतर होगा।