अमेठी सिटी। केंद्रीय वित्त मंत्री की ओर से प्रस्तुत बजट में बच्चे, धात्री और गर्भवती महिलाओं की सेहत का भरपूर ख्याल रखा गया है। इन्हें दिए जाने वाले पोषाहार की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इस पर होने वाले खर्च की सीमा बढ़ाने की घोषणा की गई है। जिले में इससे करीब सवा दो लाख लोगों को फायदा मिलेगा।
जिले में शून्य से छह वर्ष उम्र तक के बच्चों की संख्या 80 हजार है। इसके अलावा 11 हजार धात्री और 12 हजार गर्भवती महिलाएं हैं। किशोरियों की संख्या भी करीब 26 हजार है। इनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए नए बजट में न्यूट्रिशनल सपोर्ट की खर्च सीमा को बढ़ाने की घोषणा की गई है। ऐसा होने से इन्हें मुहैया कराई जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और बेहतर हो सकेगी।
अब तक बच्चों के पोषण पर चार तो गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिए छह रुपये पोषाहार पर खर्च किए जाते थे। इसकी खर्च सीमा बढ़ने से खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और बेहतर होगी। जिसका सीधा संबंध बेहतर स्वास्थ्य से होगा। माना जा रहा है कि नए बजट के जरिए जिले के सवा दो लाख बच्चे, धात्री, गर्भवती महिलाओं के साथ ही किशोरियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
डीपीओ अमेठी संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चे, धात्री और गर्भवती महिलाओं को पोषाहार व अन्य सहूलियतें पहले से मुहैया कराई जा रही हैं। अगर इसके खर्च की सीमा को बढ़ाया जाता है तो बेहतर स्वास्थ्य के लिए उच्च गुणवत्ता की खाद्य सामग्री सभी को मुहैया हो सकेगी।