अमेठी सिटी। उमस भरी गर्मी के बीच परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई करना बच्चों के लिए चुनौती बना है। नए सत्र में स्कूल खुलने के बाद छात्र-छात्राएं नियमित पढ़ाई के लिए पहुंच रहे हैं। इस दौरान कई विद्यालयों में बिजली और पंखों की व्यवस्था अधूरी है। कहीं वर्षों से बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है तो कहीं पंखे खराब पड़े हैं। बड़े कमरों में भी एक पंखे के सहारे ही कक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में बच्चों को पसीने से तरबतर होकर पढ़ाई करने को विवश होना पड़ रहा है। शुक्रवार को कई विद्यालयों का जायजा लेने पर यह हकीकत उजागर हुई।
स्कूल में पांच साल से बिजली नहीं
बारी का पुरवा प्राथमिक विद्यालय में पांच वर्ष पहले बिजली कनेक्शन लिया गया, लेकिन आज तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। ग्राम प्रधान मनोज शुक्ल ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या दूर नहीं हुई। बिजली न होने से बच्चे उमस भरी गर्मी में पढ़ाई करना पड़ रही है। उधर, ताला प्राथमिक विद्यालय के पुराने भवन के दो कमरों और बरामदे में बच्चे बिना पंखे के पढ़ते मिले। प्रधानाध्यापक जितेंद्र तिवारी ने बताया कि चोरी होने के बाद पंखे दोबारा नहीं लगाए जा सके।
दो पंखे बंद, सिमटी कक्षाएं
प्राथमिक विद्यालय अहिरन का पुरवा में दो पंखे खराब होने से बच्चों को एक-एक पंखे के सहारे पढ़ाई करनी पड़ रही है। 32 पंजीकृत विद्यार्थियों में 13 बच्चे उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापिका पूनम ने बताया कि खराब पंखे मरम्मत के लिए भेजे गए हैं।
बंद पंखे के बीच हो रही पढ़ाई
प्राथमिक विद्यालय माधोपुर में एक कक्षा का पंखा खराब मिला। विद्यालय में 130 बच्चों का नामांकन है, जबकि निरीक्षण के समय करीब 50 बच्चे मौजूद थे। शिक्षिका शिवानी सिंह ने बताया कि खराब पंखा मरम्मत के लिए भेजा गया है। वहीं प्राथमिक विद्यालय गौरीगंज द्वितीय के बड़े कमरों में केवल एक-एक पंखा लगा मिला।
जल्द सुधारी जाएंगी व्यवस्थाएं
विद्यालयों में बिजली और पंखों की व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। कंपोजिट ग्रांट उपलब्ध करा दी गई है। जहां भी समस्या है, उसे जल्द दूर कराया जाएगा।
संजय तिवारी, बीएसए