अमेठी सिटी। नौगिरवा स्थित सीएचसी भवन जर्जर होने के बाद करीब 15 साल पहले भेटुआ के लौकापुर में तीन करोड़ की लागत से नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण हुआ। भवन तब से हैंडओवर का इंतजार कर रहा है। ग्रामीण स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
ब्लॉक भेंटुआ के नौगिरवा में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन पांच दशक पूर्व बना था। तत्कालीन बसपा सरकार में जर्जर भवन के स्थान पर इसी ब्लॉक के गांव लौकापुर में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से 30 बेड के नए सीएचसी भवन के निर्माण की कवायद शुरू हुई। भवन बनकर तैयार होने के बाद वर्ष 2012 में आई विभाग की टीम ने जांच भी की। इस समय अस्पताल परिसर में चारदीवारी, तीन आवासीय भवन (जिसमें दो अपूर्ण) हैं।
इसके अलावा मुख्य भवन की कुछ खिड़कियां व गेट का कांच टूट गया है। मेनगेट का एक शटर गिरा हुआ है। टायल भी टूटी हुई है। परिसर कटीली झाड़ियों से पटा पड़ा है। परिसर में ट्रांसफार्मर लगा है, तार भी खींचा गया है, लेकिन कनेक्शन नहीं है। विभागीय लापरवाही के कारण भवन हैंडओवर का इंतजार कर रहा है। हालांकि डीएम के निरीक्षण के बाद नए भवन में सीएचसी के संचालन की उम्मीद जगी है।
गांव निवासी मनोज कुमार यादव ने कहा कि वर्ष 2012 में भवन बनकर तैयार हो गया। आज तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका। लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।अवनीश शर्मा ने कहा कि जबसे यह अस्पताल बना न तो कोई चिकित्सक आया और न ही इसे कोई देखने नहीं आता है। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल चालू नहीं हुआ। इसकी बहुत शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने कहा कि दिशा की बैठक में नए भवन में अस्पताल के संचालन की मांग उठी थी। डीएम ने निरीक्षण किया है। कहा कि अस्पताल भवन मरम्मत के लिए लिखापढ़ी की जा रही है। जल्द ही संचालन कराए जाने का प्रयास होगा।