जगदीशपुर। तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। संजय गांधी पॉलीटेक्निक जगदीशपुर में 7.06 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। परियोजना के लिए 3.53 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी होने के साथ निर्माण और आधारभूत सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र बनने के बाद विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जुड़ी शिक्षा और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सकेगा।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत संस्थान में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, आधुनिक उपकरण और कौशल विकास से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विद्यार्थियों को नई तकनीकों की जानकारी, उद्योग आधारित परियोजनाओं पर काम करने का अवसर और व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ने के साथ प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और निजी क्षेत्र में अवसर भी बढ़ेंगे।
तकनीकी शिक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह केंद्र जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। उद्योगों के साथ समन्वय बढ़ने से इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। प्रधानाचार्य इंजीनियर रामरतन ने बताया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए 3.53 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्राप्त हो चुकी है। धनराशि मिलने के बाद निर्माण और अन्य आवश्यक कार्यों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
क्या है सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तकनीकी शिक्षा का उन्नत केंद्र होता है, जहां आधुनिक मशीनों, स्मार्ट लैब और उद्योग आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था रहती है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान कर तकनीकी शिक्षा को अधिक व्यावहारिक बनाना है।