अमेठी सिटी। बेसिक शिक्षा विभाग के लेखा कार्यालय में छह करोड़ रुपये से अधिक के चर्चित गबन प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश की प्रति कोतवाली पहुंच गई है। इसके बाद मामले से जुड़े अभिलेखों और जांच प्रक्रिया को लेकर विभागीय व प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। पुराने रिकॉर्ड और पत्रावलियों का मिलान शुरू कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार प्रकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पहले ही पुलिस कब्जे में लेकर जांच एजेंसियों को उपलब्ध करा चुकी है। वर्तमान में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) वित्तीय लेनदेन, भुगतान संबंधी अभिलेखों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। ऐसे में विभागीय अधिकारी उपलब्ध दस्तावेजों को व्यवस्थित करने में जुटे हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जांच एजेंसी को उपलब्ध कराया जा सके।
अवशेष देयक, सामान्य भविष्य निधि और बीमा मद के भुगतान में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद मामले की जांच शुरू हुई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई जांच का रास्ता साफ होने से मामले को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है। विभागीय कर्मचारियों और शिक्षक संगठनों के बीच भी जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा हो रही है।
अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय और जांच एजेंसियों के निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराए जाएंगे। फिलहाल सीबीआई को अभिलेख हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, लेकिन आदेश की प्रति मिलने के बाद संबंधित कार्यालयों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अब सभी की निगाहें जांच के अगले चरण और सीबीआई की कार्रवाई पर टिकी हैं।