अमेठी सिटी। जिला अस्पताल में मोतियाबिंद के मरीज की संख्या लगातार बढ़ रही है। ओपीडी में प्रतिदिन 120 से 150 मरीज आते हैं। इनमें से 15 से 20 में मोतियाबिंद बीमारी के लक्षण मिलने पर उनकी जांच कराई जाती है। जांच कराने पर संबंधित को अन्य बीमारी न होने पर ऑपरेशन कराने की सलाह दी जाती है। ऐसे में हर दिन पांच से 10 मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन अस्पताल में निशुल्क किए जा रहे हैं।
नेत्र सर्जन डॉ. कुमुद सिंह ने बताया कि अधिक दवा का सेवन करने, लंबे समय तक धूप में रहने, आंख में चोट लगने या पिछली आंख की सर्जरी होने आदि से मोतियाबिंद की बीमारी हो जाती है। ऐसे में बिना चिकित्सक परामर्श के दवा का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। आंखों में कोई भी बीमारी हो उसके लिए परामर्श लेने के बाद ही ड्रॉप डालें। लंबे समय तक धूप में रहते हैं तो चश्मे का प्रयोग करें। इसके अलावा मोबाइल, टीवी व अधिक रोशनी वाली वस्तु न देंखे, धूल-धुंए से भी बचें।