अमेठी सिटी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवंटित राशन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और घोटाले का खुलासा हुआ है। खाद्य प्रकोष्ठ लखनऊ की जांच रिपोर्ट में गबन और फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद शाहगढ़ विकासखंड के किटियावां और राजापुर कौहार गांव में तैनात रहे दो कोटेदारों सहित पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पूर्ति निरीक्षक सत्येंद्र प्रसाद ने बताया कि जांच में ग्राम पंचायत किटियावां की कोटेदार गीता सिंह पर वर्ष 2017 में 200.78 क्विंटल गेहूं, 133.92 क्विंटल चावल और 10,671 लीटर मिट्टी तेल का गबन करने का आरोप साबित हुआ है। आरोप है कि गीता सिंह के देवर बांके बिहारी सिंह ने फर्जी वितरण रजिस्टर तैयार करने में सहयोग किया। इसके अलावा अनुबंध पत्र निलंबित होने के बाद किटियावां के उपभोक्ताओं के लिए वितरण की जिम्मेदारी संभालने वाले राजापुर कौहार के कोटेदार अमृतलाल पर मई से सितंबर 2020 के बीच कोरोना काल में शासन से भेजे गए मुफ्त राशन को गबन करने का आरोप है।
पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि गबन में ग्राम प्रधान हेमलता सिंह, नीतू यादव और बांके बिहारी सिंह ने फर्जी वितरण प्रमाणपत्र तैयार कर कोटेदारों की मदद की। इन सभी के खिलाफ सरकारी खाद्यान्न गबन, कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला थाना मुंशीगंज में दर्ज किया गया है। मुंशीगंज थाना प्रभारी शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक की तहरीर के आधार पर गीता सिंह, अमृतलाल, बांके बिहारी सिंह, हेमलता सिंह और नीतू यादव के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।