अमेठी सिटी। जिले में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए ऊर्जा निगम ने चार प्रमुख उपकेंद्रों के सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परियोजना पूरी होने के बाद करीब चार लाख लोगों को सुचारु बिजली मिलने की उम्मीद है। विभाग का मानना है कि चार उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ने से वितरण व्यवस्था मजबूत होगी और बढ़ते विद्युत भार का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा।
गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने पर कई क्षेत्रों में उपकेंद्रों पर दबाव बढ़ जाता है। इससे ट्रिपिंग, ओवरलोडिंग और लो वोल्टेज जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए विभाग ने चार प्रमुख उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है। योजना पूरी होने के बाद घरेलू उपभोक्ताओं के साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों, लघु उद्योगों और कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा। वितरण तंत्र संतुलित होने से बिजली आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक बेहतर होने की उम्मीद है।
मोहनगंज और पीठीपुर विद्युत उपकेंद्रों पर पांच-पांच एमवीए क्षमता के अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। दक्खिनवारा और भादर उपकेंद्रों की मौजूदा क्षमता पांच एमवीए से बढ़ाकर 10 एमवीए की जाएगी। तकनीकी उपकरणों का भी उन्नयन होगा, जिससे सभी उपकेंद्र नई क्षमता के अनुरूप संचालित किए जा सकेंगे।
अधीक्षण अभियंता अरुण कुमार सिंह ने बताया कि चारों उपकेंद्रों के सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कार्य पूरा होने पर बिजली वितरण व्यवस्था अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनेगी।
बढ़ती मांग बनी क्षमता विस्तार का आधार
जिले में पिछले कुछ वर्षों के दौरान घरेलू, व्यावसायिक और कृषि बिजली कनेक्शनों की संख्या लगातार बढ़ी है। नई कॉलोनियों, बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढ़ने से कई उपकेंद्र अपनी निर्धारित क्षमता के करीब पहुंच चुके हैं। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विभाग ने क्षमता विस्तार की योजना तैयार की है।
इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
मोहनगंज, पीठीपुर, दक्खिनवारा और भादर उपकेंद्रों से जुड़े दर्जनों गांवों, कस्बों, बाजारों, सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और कृषि फीडरों को इस परियोजना का लाभ मिलेगा। क्षमता बढ़ने के बाद इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति अधिक सुचारु रखने की तैयारी है।