खामनेई के निधन पर शोक कार्यक्रम में मौजूद लोग।
मुसाफिरखाना। भनौली स्थित इमामबाड़े पर अयातुल्ला अली खामनेई के निधन की खबर के बाद शिया समुदाय ने शोक व्यक्त किया। रविवार रात इमामबाड़े पर एकत्र हुए और कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी। समुदाय के लोगों ने विरोध स्वरूप बाजार की कई दुकानों को स्वेच्छा से बंद रखा। दैनिक कार्यों से विराम लेकर बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए। मौन जुलूस इमामबाड़े से शुरू होकर मुख्य मार्गों से गुजरा। प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी भावनाएं प्रकट कीं। शिया धर्मगुरु मौलाना जिशान हैदर ने समुदाय की ओर से 40 दिन के शोक की घोषणा की। इस अवधि में किसी भी प्रकार का उत्सव आयोजित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे समुदाय को आहत करने वाली है। लोगों ने इसे बड़े वैश्विक प्रभाव से जुड़ी घटना बताया। कुमैल रिजवी ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का निधन नहीं, बल्कि विचारधारा से जुड़ा क्षण है। उनके अनुसार, सिद्धांतों पर अडिग रहना ही सबसे बड़ी पहचान होती है। इकबाल हैदर ने कहा कि समुदाय ने अपना मार्गदर्शक खो दिया है। उन्होंने कहा कि अंत तक अपने उसूलों पर कायम रहना उनके व्यक्तित्व की विशेषता रही। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने जुलूस को शांतिपूर्वक संपन्न कराया। आयोजन में शामिल लोगों ने शांति और संयम बनाए रखने की अपील की।