गौरीगंज (अमेठी)। निकाय चुनाव में अध्यक्ष व सभासद पद के लिए प्रचार कर रहे उम्मीदवार एक दूसरे पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं कर सकेंगे। व्यक्तिगत टिप्पणी करने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में विधिक कार्रवाई होगी।
नगर पालिका परिषद गौरीगंज, जायस व नगर पंचायत अमेठी, मुसाफिरखाना में अध्यक्ष व सभासद पद के लिए चुनाव प्रचार ने गति पकड़ ली है। उम्मीदवार वार्डों में दस्तक देकर मतदाताओं को अपने-अपने तरीके से लुभाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। कई उम्मीदवार ऐसे भी हैं राजनीतिक लाभ पाने के लिए विरोधी उम्मीदवारों पर व्यक्तिगत हमला बोल रहे हैं।
चुनावी रणभूमि में उतरे कई उम्मीदवार जातीय सांप्रदायिक और धार्मिक भावनाओं का परोक्ष या अपरोक्ष सहारा लेकर मतदाताओं को अपनी ओर रिझाने की कोशिश में लगे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार, यह आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की श्रेणी में हैं। चुनावी महासंग्राम में किस्मत आजमा रहे उम्मीदवारों की नीतियों, कार्यक्रमों, पूर्व में कराए गए विकास कार्यों, विचार, मत व कृत्य पर ही आलोचना करने की छूट दी गई है। अफसरों की ऐसे उम्मीदवारों पर पैनी नजर है।
मंदिर व मस्जिद में चुनाव प्रचार पर रोक
अध्यक्ष व सभासद पद के उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के दौरान कई सावधानियां बरतनी होंगी। आयोग ने मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर व गुरुद्वारा आदि पूजा स्थलों पर चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाई है। धार्मिक अनुष्ठानों में मतदाताओं को रिश्वत, मादक पदार्थ का वितरण आदि चुनावी प्रलोभन देने पर भी रोक है।
यह भी नहीं कर सकेंगे उम्मीदवार
चुनाव प्रचार के दौरान किसी का भी पुतला लेकर चलने व फूंकने की अनुमति किसी भी राजनैतिक दल एवं उम्मीदवार को नहीं है। न ही विरोध में प्रदर्शन व उसका समर्थन ही कर सकेंगे। विरोधी उम्मीदवारों के पोस्टर व बैनर स्वयं हटाने के बजाय प्रशासन को सूचित करने का निर्देश दिया गया है।
रखी जा रही पैनी नजर राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। नुक्कड़ सभाओं, धार्मिक स्थलों एवं अनुष्ठानों पर निगरानी के लिए अफसरों की टीम लगाई गई है।
अजित कुमार सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी-अमेठी