जगदीशपुर। रामनगरी अयोध्या तक की राह फरवरी में आसान होने की उम्मीद है। रायबरेली-अयोध्या हाईवे पर निर्माणाधीन सिधियांवा-मंगौली बाइपास का कार्य अंतिम दौर में है। कार्यदायी संस्था का दावा है कि अगले माह फरवरी तक बचा हुआ कार्य पूरा कर बाईपास से लोगों का आवागमन शुरू हो जाएगा।
लगभग तीन किलोमीटर लंबे इस बाइपास के निर्माण पर 15 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह बाईपास लखनऊ-वाराणसी और रायबरेली-अयोध्या हाईवे को जोड़ेगा।
इससे जगदीशपुर कस्बे में भारी वाहनों का प्रवेश बंद हो जाने से लोगों को आए दिन लगने वाले जाम की परेशानी से भी पूरी तरह राहत मिलेगी।
अब तक भारी वाहनों की आवाजाही और शोहरत रेलवे क्रॉसिंग बंद होने की स्थिति में कस्बे के लोगों को जाम की परेशानी से जूझना पड़ रहा है। बाइपास चालू होने पर भारी वाहन कस्बे के बाहर से हो गुजरेंगे, जिससे भीतर का यातायात सुचारु रहेगा। रायबरेली-अयोध्या मार्ग पर मंगौली से सिधियांवा तक बन रहे इस बाइपास पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा करने के साथ ही स्टील गर्डर भी स्थापित किए जा चुके हैं।
मंगौली दिशा में सड़क का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है। निर्माण की गति पहले अपेक्षाकृत धीमी रही, मगर ओवरब्रिज पूरा होने के बाद कार्य ने रफ्तार पकड़ी है। कार्यदायी संस्था के अनुसार फरवरी में शेष कार्य पूरा कर यातायात शुरू किए जाने की तैयारी है। बाइपास पर आवागमन शुरू होते ही अयोध्या, रायबरेली और लखनऊ मार्ग पर सफर सुगम, सुरक्षित और समय बचाने वाला बनेगा। एसकेएस संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर आरवी सिंह ने बताया कि बाइपास का शेष निर्माण फरवरी में पूरा करने का लक्ष्य है। सड़क निर्माण पूरा होते ही यातायात शुरू कर दिया जाएगा।