अमेठी सिटी। जिला बने 14 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन जिला मुख्यालय गौरीगंज में परिवहन व्यवस्था अब तक अपेक्षा के अनुरूप नहीं बन सकी है। खासकर सुल्तानपुर-रायबरेली मार्ग पर शाम सात बजे के बाद रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह बंद हो जाता है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गौर करने की बात यह है कि जिला मुख्यालय में आज तक एक भी बस अड्डा नहीं बन पाया है। रोडवेज बसें मुख्य मार्ग पर ही रुकती हैं, जहां न पेयजल, न शौचालय और न ही प्रतीक्षालय की सुविधा उपलब्ध है। दिन में भी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कोई सरकारी परिवहन सुविधा नहीं है। गौरीगंज से जुड़ने वाले अठेहा, अमेठी, जगदीशपुर, मुसाफिरखाना और जामों जैसे मार्गों पर सिर्फ निजी वाहनों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतें होती हैं।
उधर, शुकुलबाजार, तिलोई, सिंहपुर, जामों, भेटुआ, भादर जैसे ब्लॉक मुख्यालय आज तक रोडवेज सेवा से नहीं जुड़ सके हैं। लखनऊ, प्रयागराज और प्रतापगढ़ जैसी जगहों के लिए भी महज एक-एक बस का ही संचालन हो रहा है।इस बारे में अमेठी डिपो के एआरएम काशी प्रसाद ने बताया कि शाम को यात्रियों की संख्या कम होने के कारण बसों का संचालन रुक जाता है। ड्राइवर और कंडक्टर की कमी दूर की जा रही है। नए वाहन भी मिले हैं। जल्द ही ब्लॉक क्षेत्रों तक बसें चलाई जाएंगी।
लोग बोले, शाम को निजी वाहन ही विकल्प
गौरीगंज निवासी धर्मेंद्र शुक्ल ने कहा कि शाम सात बजे के बाद बस सेवा न मिलने से सुल्तानपुर और रायबरेली जाना मुश्किल हो जाता है। वहीं जावेद ने कहा कि केवल दिन में ही सरकारी बसें मिलती हैं। शाम को निजी वाहन ही विकल्प हैं। अमन सिंह ने कहा कि मुख्यालय होने के बाद भी बस स्टॉप और परिवहन की ठोस व्यवस्था न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।