जगदीशपुर (अमेठी)। स्थानीय थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन बाईपास की जद में आने वाले छह मकानों को बुधवार को एनएचआई के अधिकारियों ने जेसीबी से ढहवा दिया। इस दौरान तहलील प्रशासन के साथ पुलिस भी मौजूद रही। इन मकानों के स्वामी प्रशासन पर जबरन कार्रवाई का आरोप लगाते रहे।
रायबरेली-अयोध्या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगदीशपुर के मंगौली गांव के पास से लखनऊ-वाराणसी फोर लेन हाईवे को जोड़ने के लिए एक बाईपास का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माणाधीन बाईपास के रास्ते में पड़ने वाले छह मकानों को हटाने की नोटिस दी थी। बावजूद इसके भवन मालिकों ने अपना कब्जा नहीं हटाया था।
एनएचआई के विकल्प सिंह ने बताया कि रास्ते में जयप्रकाश, ओम प्रकाश, जगजीवन, इमान बहादुर, रोशन लाल, रोहित के मकान पड़ते थे। उन्हें मकान हटाने के निर्देश दिए गए थे। भवन स्वामियों ने आज तक मकान नहीं हटाया। इसके बाद यह कार्रवाई की गई। तहसीलदार राहुल सिंह ने बताया कि कुछ किसानों के मुआवजे का विवाद था। जिसका निस्तारण कर पैसा उनके खाते में भेज दिया गया है।
रहने को घर नहीं, हो गए बेघर
वहीं, ग्रामीण जय प्रकाश और ओम प्रकाश का कहना है कि उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। मकान को जबरदस्ती गिराया जा रहा है। इमान बहादुर और रोशन लाल ने बताया कि उनके पास अब रहने के लिए और कोई जगह नहीं है। वे बेघर हो गए हैं। इस मौके पर जगदीशपुर, भाले सुल्तान शहीद स्मारक, कमरौली थाने की पुलिस के साथ एनएचआई के अधिकारी मौजूद रहे।