अमेठी सिटी। नो हेलमेट-नो फ्यूल का अभियान जिले में रंग लाता दिख रहा है। पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट के पहुंच रहे लोगों को लौटाया जा रहा है। ऐसे में हेलमेट वालों से वह मनुहार करते दिख रहे हैं। लोग विनती करते हुए कहते दिखे कि दो मिनट के लिए हेलमेट दे दो, पेट्रोल भरवाना है। जबकि लोग बिना मदद के आगे बढ़ जा रहे हैं। वहीं अन्य किसी से उधार हेलमेट मांगने का सिलसिला दिनभर चलता रहा।
इस दौरान पेट्रोल नहीं मिलने पर लोग दबाव बनाते भी नजर आए। इसके लिए लोगों ने जान-पहचान आदि का भी हवाला दिया। इसी के साथ पुलिस भी स्थानीय स्तर पर सक्रिय रही, जिससे विवाद को रोका जा सके। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बिना हेलमेट के भी कुछ लोगों को पेट्रोल देने की चर्चा होती रही। इस तरह दूसरे दिन अभियान का मिला-जुला असर देखा गया।
हेलमेट नहीं लगाने पर सुनाया ऑडियो संदेश
नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान में सोमवार को दूसरे दिन बड़ी संख्या में लोग बिना हेलमेट के ही पहुंचे। ऐसे में सुल्तानपुर रोड स्थित पेट्रोल पंप से उन्हें नियमों से अवगत कराते हुए वापस किया गया। वहीं जिद करने वाले लोगों को कैमरा दिखाते हुए इस संबंध में जागरूकता के लिए बजाए जा रहे ऑडियो संदेश सुनने के लिए भी कहा गया। इस दौरान लोग पंप से बाहर खड़े होकर हेलमेट मिलने का जुगाड़ लगाते रहे।
हेलमेट टांग कर पहुंचे लोगों को भी लौटाया
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोग हेलमेट हाथ या बाइक में टांग कर पंप पर पहुंच रहे हैं। इस पर उन्हें लौटा दिया गया। अमेठी रोड स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचे ऐसे लोगों को पंप से बाहर जाकर हेलमेट लगाए हुए कैमरे के सामने से दूसरा चक्कर लगाने का निर्देश दिया गया। ऐसे में लोग हेलमेट लगाकर फिर से मौके पर पहुंचे, इसके बाद उन्हें पेट्रोल दिया गया। असैंदापुर निवासी रामबरन ने बताया कि हेलमेट लगाने की उन्हें आदत नहीं है। ऐसे में पेट्रोल के लिए उन्हें एक दुकान से पुराना हेलमेट मिल गया।
पेट्रोल पंपों पर बरती जा रही सख्ती
जिला आपूर्ति अधिकारी शशिकांत ने बताया कि जिले के पेट्रोल पंपों पर दो पहिया चालकों को बिना हेलमेट के ईंधन नहीं दिया जा रहा है। इसके लिए ज्यादातर जगहों पर सख्ती की जा रही है। पेट्रोल नहीं मिलने पर लोग देने के लिए निवेदन कर रहे हैं। यह अभियान आगे भी चलता रहेगा।