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बनने की राह देख रहा दो साल से टूटा पड़ा पुल

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संग्रामपुर (अमेठी)। अमेठी जिले की सीमा पर बसे छाछा गांव में मालती नदी पर बना पुल दो साल से क्षतिग्रस्त है। पुल का एक हिस्सा दो साल पहले जमींदोज हो गया है। ऐसे में यहां कभी भी हादसा या बड़ी दुर्घटना हो सकती है। बावजूद इसके विभाग अभी बेपरवाह है। स्थानीय लोग लगातार पुल दुरुस्त कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा।
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संग्रामपुर के छाछा गांव में मालती नदी पर बना पुल करीब चार दशक पुराना है। यह नदी अमेठी और प्रतापगढ़ जिले को जोड़ती है। अमेठी के हिस्से की तरह बना पुल दो साल पहले क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल के सपोर्ट में लगी मिट्टी और पुल का एक हिस्सा गिरने से अब ये पुल कमजोर हो गया है। पुल से सटकर सड़क किनारे गड्ढा होने से लोग डर कर आवागमन कर रहे हैं।
पिछली बारिश में यहां बड़े वाहनों का आवागमन बंद हो गया था। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद भी पुल को दुरुस्त नहीं कराया गया। इसके बाद आसपास के लोगों ने ईंट और मिट्टी डाल कर किसी तरह गड्डा तो भर दिया, लेकिन बारिश के मौसम में धीरे-धीरे हुई कटान से एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इस पुल से बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। बारिश के पहले एक बार फिर राहगीरों की चिंता बढ़ गई है कि अगर बारिश शुरू हो गई तो हालात पिछले साल जैसे हो जाएंगे।
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इस पुल से बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे पढ़ने के लिए गुजरते हैं। संग्रामपुर की ओर से हजारों बच्चे पुल के उस पार संचालित इंटरमीडिएट और उच्च शिक्षा ग्रहण करने भादर और परसोइया गांव जाते हैं। संग्रामपुर को भादर ब्लॉक और अमेठी जिले को प्रतापगढ़ जिले से जोड़ने वाले पुल पर मौजूदा समय में कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
मालती नदी पर बने इस पुल से छाछा, चंदौका, परसोइया, चिकुलही, लाला का पुरवा, धौरहरा, बनवीरपुर, अम्मररपुर, खौंपुर, जोगापुर, चंडेरिया, ढकवा, बेलसिंघा, कालू का पुरवा, जलालपुर, लोहार का पुरवा, दला का पुरवा, पाठक का पुरवा, भावापुर, रतापुर, नरहरपुर सहित दो दर्जन गांवों के लोगों का प्रतिदिन आवागमन इसी जर्जर पुल से होता है।
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