गौरीगंज (अमेठी)। बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग फिक्रमंद है। विभाग ने जिले के 172 ऐसे परिषदीय स्कूलों में चारदीवारी निर्माण कराने की तैयारी की है, जहां पर नहीं बनी थी। विभाग की ओर से इसके लिए धनराशि जारी कर दी गई है।
चरणबद्ध तरीके से ग्राम पंचायतों को आवंटित राशि से स्कूलों को विकास व सुविधा के निर्धारित 19 बिंदु पर संतृप्त किया जा रहा है। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग ने चारदीवारी विहीन 172 स्कूल में निर्माण के लिए स्थानीय दर पर अनुमानित आगणन तैयार कर शासन को प्रस्ताव को भेजा। शासन ने मंजूरी प्रदान करते हुए 33 रुपये प्रतिमीटर के दर से बाउंड्रीवाल को 22 हजार रुपये गेट लगाने के लिए अवमुक्त कर दिया। धनराशि मिलने के बाद निर्माण कार्य को पूरा कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को दी गई है। पंचायत मानक युक्त चारदीवारी के साथ गेट स्थापित कर स्कूल में शिक्षण कार्य के दौरान बच्चों को सुरक्षित करने की दिशा में काम करेगी। निर्माण कार्य की निगरानी प्रधानाध्यापक के साथ संंबंधित खंड शिक्षाधिकारी को दी गई है।
अब तक हो चुके हैं ये कार्य
जिला समन्वयक निर्माण आकाश श्रीवास्तव ने बताया कि प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड ऑपरेशन कायाकल्प की सूचना के अनुसार 1,520 स्कूल में पेयजल, 1,436 में बालक प्रसाधन तो 1,467 में बालिका प्रसाधन का निर्माण पूरा हो चुका है। जिले के 1,426 स्कूलों के प्रसाधन जलापूर्ति से आच्छादित किए जा चुके हैं तो 1,289 स्कूल के प्रसाधन में टाइल्स लगा चुका है। 193 स्कूलों में दिव्यांग बच्चों के लिए प्रसाधन भवन निर्मित कराया गया है। 1,482 स्कूल में मल्टीपल हैंड वॉशिंग क्रियाशील हो चुकी है। 1,139 स्कूल के शिक्षण कक्षों में टाइल्स लगाई गई हैं तो 1,556 स्कूल में ब्लैकबोर्ड का निर्माण हुआ है। 1,503 स्कूलों में किचेन शेड तो 1,470 स्कूल में रैंप व रेलिंग बन चुकी है। 1,484 स्कूलों में विद्युत कनेक्शन कराया गया है। 1,486 स्कूलों में पेयजलापूर्ति योजना क्रियाशील है।
बाउंड्री बनने के बाद देनी होगी जीपीएस युक्त फोटो
स्कूलों में मानक के अनुसार बाउंड्रीवाल निर्माण में मानक युक्त सामग्री का प्रयोग हो सके, इसके लिए प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी तय की गई है। बीईओ को नियमित भ्रमण कर प्रयुक्त सामग्री के गुणवत्ता का परीक्षण कर रिपोर्ट देनी होगी। निर्माण कार्य के बाद बीईओ/प्रधानाध्यापक को जीपीएस युक्त फोटोग्राफ्स देनी होगी।
- संजय तिवारी, बीएसए