सिंहपुर। इन्हौंना के मंझीटा मजरे आजादपुर निवासी अजहर (45) का शव 34 दिन बाद शुक्रवार को पैतृक गांव पहुंचा। शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव के तमाम लोग भी उनके घर पहुंच गए। पूरे गांव में शोक का माहौल रहा।
परिजनों के अनुसार अजहर परिवार के भरण-पोषण और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सऊदी अरब गए थे। वह दम्माम शहर में नौकरी कर रहे थे। 10 मई को उनकी तबीयत खराब होने की सूचना परिवार को मिली। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मौत होने की खबर मिलने के बाद परिवार ने भारत सरकार और सऊदी अरब प्रशासन से शव भारत लाने की गुहार लगाई थी। पत्नी नसरीन बानो ने परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने की भी मांग की थी। परिजनों ने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रयास के बाद 34 दिन बाद शव गांव पहुंच सका।
अजहर का शव घर पहुंचने पर पत्नी नसरीन बानो, बेटा अनस और अन्य परिजन बिलख पड़े। बुजुर्ग मां शहीदन का रो-रोकर बुरा हाल रहा। वह बार-बार बेटे को याद कर बिलखती रहीं। ग्रामीणों ने परिजनों को सांत्वना दी।