अमेठी। जिले में अभी तक एक भी सरकारी ब्लड बैंक नहीं है। इसके कारण यहां के जरूरतमंदों को खून के लिए सुल्तानपुर या रायबरेली का चक्कर काटना पड़ता है। लेकिन जल्द ही इस दौड़भाग से निजात मिल जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अब संयुक्त जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के साथ ही ब्लड कंपोनेंट एंड सेपरेशन यूनिट एक साथ शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए अलग से कक्ष पहले से ही तैयार है, बस कुछ उपकरण आने हैं, साथ ही कर्मियों की तैनाती की जानी है। इसको लेकर कवायद चल रही है।
असैदापुर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में ब्लड बैंक की स्थापना के लिए वर्ष 2022 में स्वीकृति मिली। इसके लिए नए अस्पताल में भवन अलग से है। उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई काॅरपोरेशन को ब्लड बैंक में उपकरणों के आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई। काॅरपोरेशन उपकरणों की आपूर्ति करने में लगा हुआ है। दो डीप फ्रीजर की आवश्यकता है, इसे जल्दी उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है।
वहीं, ब्लड बैंक के लिए एक वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट, तीन डॉक्टर, तीन स्टाफ नर्स, एक फार्मासिस्ट, तीन लैब टेक्नीशियन, एक कनिष्ठ सहायक, छह लैब असिस्टेंट व एक पीआरओ पद के सृजन को लेकर प्रस्ताव भेजा जा चुका है। शासन ने अब ब्लड बैंक के साथ ही ब्लड कंपोनेंट एंड सेपरेशन यूनिट भी संचालित करने का निर्णय लिया है। ताकि बार-बार लाइसेंस को लेकर समस्या से न जूझना पड़े। इसके लिए सोमवार को एक टीम लखनऊ भेजी गई है। इसके बाद लाइसेंसिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सेपरेशन यूनिट से होंगे यह फायदे
ब्लड कंपोनेंट एंड सेपरेशन यूनिट में एक यूनिट खून से तीन मरीज की जान बचाई जा सकती है। कहा कि यहां खून से लाल रक्त कणिका, प्लाजमा व प्लेटलेट को अलग किया जाता है। कुछ मरीजों को सिर्फ खून की जरूरत होती है उन्हें लाल रक्त कणिका का खून चढ़ाया जाता है। कुछ को सिर्फ प्लेटलेट्स की ही जरूरत होती है। बर्न आदि के मरीजों को प्लाज्मा की जरूरत होती है। इस तरह से एक यूनिट ब्लड से अलग-अलग तीन मरीजों की आवश्यकता पूरी होती है। सभी उपकरणों की आपूर्ति मिलने तथा लाइसेंस जारी होने के बाद जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पर इन तीनों की उपलब्धता रहेगी।
तेजी से चल रही प्रक्रिया
ब्लड बैंक व ब्लड कंपोनेंट एंड सेपरेशन यूनिट को अतिशीघ्र संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रक्रिया तेजी के साथ चल रही है। - डॉ. बीपी अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल