अमेठी सिटी। जनसंघ संस्थापक और राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रवर्तक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 72वें बलिदान दिवस पर सोमवार को भाजपा कार्यालय गौरीगंज में संगोष्ठी आयोजित हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश महामंत्री व एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ल उपस्थित रहे।
प्रदेश महामंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित था। जम्मू-कश्मीर में एक विधान, एक निशान और एक प्रधान की मांग को लेकर उन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 को हटाकर पार्टी ने डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की आत्मा पर आंच आए तो पद छोड़ देना चाहिए, यही संदेश डॉ. मुखर्जी ने दिया।
राज्यमंत्री व तिलोई विधायक मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने बिना परमिट कश्मीर जाकर जेल और यातना सही, लेकिन भारत की एकता के सवाल पर कभी समझौता नहीं किया। उनका बलिदान आज भी राष्ट्रवाद की प्रेरणा बना हुआ है। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव, रामप्रसाद मिश्रा, केशव सिंह, भवानी दत्त दीक्षित, प्रवीण सिंह, उमा रमन सिंह, कृष्ण कुमार सिंह मुन्ना, विजय किशोर तिवारी, गिरीश चंद्र शुक्ल, डीएन तिवारी, विषुव मिश्रा मौजूद रहे।