अमेठी सिटी। पुरानी पेंशन बहाली और टीईटी अनिवार्यता के विरोध में सोमवार को जिलेभर के शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। संयुक्त संघर्ष संचालन समिति और अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बीएसए कार्यालय से बाइक रैली विशुनदासपुर स्थित डीएम कार्यालय पहुंची। यहां शिक्षकों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इसमें पुरानी पेंशन बहाली, आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने समेत कई मांगें शामिल रहीं। शिक्षकों का कहना है कि वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू करना अनुचित है। इससे उनकी सेवा पर संकट खड़ा हो रहा है और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने इस निर्णय को वापस लेने की मांग उठाई।
रैली के दौरान शिक्षकों ने हाथों में बैनर लेकर नारेबाजी की और सरकार के फैसलों का विरोध जताया। इसके बाद एओ कार्यालय से कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। शिक्षक नेताओं ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। इस मौके पर धीरेंद्र प्रताप सिंह, महेंद्र प्रताप मिश्र, अब्दुल रशीद, राज किशोर सिंह, मंजीत यादव और पवन कुमार, दया शंकर विक्रम, रमाकांत मौर्य, जयराम कनौजिया, अजय शुक्ला, अजय मौर्य, अनिल यादव, प्रवीण कुमार, देवी शरण कनौजिया, देवांशु सिंह, दिनेश तिवारी, अरविंद कुमार पांडेय, विष्णु कांत पाठक, रविकांत श्रीवास्तव, संजीव भारती, विजय सिंह आदि शिक्षक मौजूद रहे।