फुरसतगंज में चाय की दुकान पर चुनावी चर्चा करते ग्रामीण।
फुरसतगंज (अमेठी)। नहरकोठी चौराहे पर स्थित रामनरेश की चाय की दुकान पर बुधवार को सुबह-सुबह पंचायत चुनाव को लेकर गहमागहमी दिखी। अगल-बगल के गांवों के लोग चाय की चुस्कियां लेते हुए गंवई राजनीति पर अपनी बात रख रहे थे। खालिसपुर के रामनरेश साहू ने रोजगारपरक प्रशिक्षण, खेल मैदान, ओपन जिम और डिजिटल सेवाओं की व्यवस्था की चर्चा की तो सुखदेख यादव उनपर कटाक्ष करने लगे। इसी बीच पूरे हिमांचल के बृजलाल ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की बात छेड़ दी, जिसपर वहां मौजूद ग्रामीण कहने लगे कि इस बार बहुत सतर्क रहना है, नहीं तो वोटर लिस्ट में खेला हो जाएगा।
मतदाता सूची पुनरीक्षण शुरू होते ही पंचायत चुनाव को लेकर लोग खुलकर बात करने लगे हैं। इसका नजारा रामनरेश की चाय की दुकान पर दिखा। सरवन, खालिसपुर, किशुनपुर केवई, कोटवारमऊ और महमदपुर से आए ग्रामीण अपने-अपने क्षेत्र में मौजूदा प्रधानों के कामकाज की समीक्षा करने के साथ ही आगामी चुनाव के भावी उम्मीदवारों पर खुलकर राय रख रहे थे। रामपुर के राजेश सिंह ने नाली-सफाई, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग, पेयजल लाइनों की मरम्मत और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी जरूरतों के गांव में होने की बात उठाई तो अन्य ग्रामीणों ने भी हां में हां मिलाया।
दरौना के रामलखन ने हैंडपंप की खराबी, जलभराव, सफाई व्यवस्था, मनरेगा में समय से भुगतान न होने, शौचालय और आवास पात्रता सूची में पारदर्शिता न होने की चर्चा छेड़ी तो मौजूद ग्रामीणों ने भी उनका साथ दिया।
पूरे कुम्हारन के सूरजदीन और पूरे बादेसिंह अशोक शर्मा ने गांव के जातीय समीकरण की चर्चा करते हुए कहा कि अभी चाहे जितनी भी आदर्श की बातें करें, लेकिन चुनाव के समय अधिकतर मतदाता इन बातों को भूल खुद की बिरादरी के प्रत्याशी को ही पसंद करते हैं। नहरकोठी चौराहा के जगप्रसाद ने चाय की प्याली को खाली करते हुए कहा कि वे गांव में मुहिम चलाएंगे कि इस बार भावनात्मक या जातीय समीकरणों के बजाय गांव के विकास को मजबूती देने के साथ ही निष्ठावान और पढ़े लिखे प्रत्याशी का ही चुनाव करें।
बगल में बैठे नहरकोठी के श्यामलाल और रामपुर राजेश सिंह ने भी उनकी हां में हां मिलाई।