अमेठी। नवजात की सुरक्षा के लिए मंगलवार को जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने के साथ ही जन्म के तत्काल बाद नवजात के वजन की माप करने पर जोर दिया गया।कार्यक्रम में सीएमएस डॉ. बीपी अग्रवाल ने कहाकि बच्चों के लिए मां का दूध अमृत के समान होता है। इसको लेकर स्वास्थ्य कर्मी मां को जागरूक करें। यदि कोई नवजात कम वजन (एक से सवा किलोग्राम) का पैदा होता है तो अस्पताल में मां इलाज के साथ यदि नवजात 12 से 18 घंटे अपनी छाती से लगाकर रखती है तो नवजात के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होता है। उसका वजन बढ़ता है व बीमारियां से बचाव होता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक उज जमा ने भी जानकारी दी।
मौसम जनित बीमारियों के मरीज अधिक
अमेठी सिटी। मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव से अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 828 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें अधिकांश मरीज वायरल बुखार से पीड़ित रहे। डॉक्टरों ने खून की जांच कराने के बाद रिपोर्ट के आधार पर मरीजों को निशुल्क दवा दिलाते हुए बदलते मौसम में बरती जाने वाली सावधानियां बताई। फिजिशियन डाॅ. अमित यादव के अनुसार मौसम में बदलाव के कारण अस्थमा के रोगी बढ़ गए हैं। 200 मरीजों की ओपीडी में 80 से 90 मरीज केवल बुखार के मिल रहे हैं। तीन दिन में अस्थमा के 150 मरीज आए।