जायस (अमेठी)। राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी में बुधवार को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स अर्थात बौद्धिक संपदा के अधिकार की कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यक्रम में वक्ताओं ने प्रशिक्षुओं को कई जानकारियां दी। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के निदेशक आचार्य सुधीर कुमार सिन्हा व मुख्य अतिथि डॉ. पूजा यादव संयुक्त निदेशक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश, डॉ. उमाकांत धर द्विवेदी विभागाध्यक्ष इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग और कार्यशाला समन्वयक डॉ. अमरीश दुबे द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। कार्यशाला में आरजीआईपीटी, आईआईटी बीएचयू, आईईटी लखनऊ, लखनऊ विश्वविद्यालय, एचबीटीयू कानपुर, डीएवी कॉलेज कानपुर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय आदि संस्थानों के प्रतिभागी सम्मिलित हुए।
मुख्य अतिथि डॉ. पूजा यादव ने कहा कि सभी को बौद्धिक संपदा अधिकारों के बारे में जागरूक होना चाहिए। सीएसटी यूपी और भारत सरकार इस संबंध में काफी पहल कर रही है। संस्थान के निदेशक आचार्य सुधीर कुमार सिन्हा ने पेटेंट के महत्व पर चर्चा की। कार्यशाला का समापन प्रमाण पत्र वितरण और आचार्य एम. एस. बलथानी गईमनी अनुसंधान एवं विकास आरजीआईपीटी के प्रेरक अभिभाषण के साथ हुआ।