बाजारशुकुल(अमेठी)। बाल विकास विभाग में कार्यरत एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने लिपिक पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विभाग ने भी जांच के आदेश दिए हैं। इधर, आरोपी लिपिक ने आरोपों को निराधार बताया है।
स्थानीय बाल विकास परियोजना कार्यालय में बुधवार को सीडीपीओ की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई थी। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बुलाया गया था। एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री का आरोप है कि मीटिंग के बाद कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ लिपिक भानुदत्त शुक्ल ने फोन करके आवश्यक कार्य बताते हुए अपने कक्ष में बुलाया। वरिष्ठ लिपिक के कमरे पर पहुंची तो वह अकेले थे। लिपिक अकेले होने का फायदा उठाते हुए हाथ पकड़ कर छेड़छाड़ करने लगे, किसी तरह से वहां से भाग निकली। पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस से की है।
एसओ अवनीश कुमार चौहान ने पीड़ित आंगनबाड़ी कार्यकत्री की तहरीर पर परियोजना कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक के खिलाफ केस करने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इधर, वरिष्ठ लिपिक भानुदत्त शुक्ल ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री फर्जी आरोप लगा रही है। कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर व अन्य कर्मी पूरे दिन मौजूद रहते हैं। कुछ लोगों के बहकावे में आकर बदनाम करने के लिए उनके फर्जी आरोप लगा रही है।
मामला संज्ञान में नहीं
सीडीपीओ मुकेश कुमार श्रीवास्तव ने कार्यालय में कार्यरत लिपिक की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकत्री के छेड़छाड़ करने की जानकारी नहीं होने की बात कही। कहा कि आज वह बाहर है। शुक्रवार को कार्यालय पहुंच कर मामले की जांच करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट कर पाएंगे।
जांच कराई जा रही
बाल विकास परियोजना कार्यालय में कार्यरत लिपिक पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री की ओर से लगाए गए आरोप की जानकारी बृहस्पतिवार को मिली है। जांच विभागीय अफसरों की संयुक्त टीम से कराई जा रही है। जांच प्रभावित नहीं हो इसके लिए लिपिक को तत्काल प्रभाव से जिला कार्यालय से अटैच किया जा रहा है। संतोष कुमार श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी