अमेठी। विधानसभा में गौरीगंज के सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने मुंशीगंज के संजय गांधी अस्पताल में आयुष्मान का लाभ न मिलने का मुद्दा उठाया। इसके बाद अब एक बार फिर से अधिकारी फाइलें खंगालने में जुट गए हैं। दरअसल, सितंबर में एक महिला की मौत के बाद अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर अस्पताल शुरू हुआ लेकिन, आयुष्मान भारत योजना की आईडी अभी भी बंद है। मरीजों को आयुष्मान का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बुधवार को समाजवादी पार्टी के गौरीगंज विधायक ने इस मुद्दे को सदन में उठाया। कहा कि एक तरफ पीजीआई, मेडिकल कॉलेज एवं राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मरीजों को वेंटिलेटर नहीं मिल पा रहे हैं। लोगों को इलाज में परेशानी हो रही है। संचालित योजनाओं को बंद करने का कार्य हो रहा है।
अमेठी जिले में 25 वर्षों से संचालित संजय गांधी अस्पताल ओटी, ओपीडी एवं अन्य सेवाएं मुहैया करा रहा है। हजारों गरीब मरीजों का इलाज होता है। 17 सितंबर को अपरिहार्य कारणों से अस्पताल को सील कर दिया जाता है। उच्च न्यायालय के आदेश पर छह अक्टूबर को पुन: संचालित करने का आदेश दिया जाता है। आदेश पर ओपीडी, ओटी एवं अन्य सेवाएं शुरू हो गई हैं।
संजय गांधी अस्पताल आयुष्मान भारत से आच्छादित था। सभी सेवाएं बहाल कर दी गई, लेकिन आज तक आयुष्मान भारत कार्ड योजना बहाल नहीं हुई। जिससे आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज नहीं हो पा रहा है। कहा कि इस अस्पताल से अमेठी जिले के साथ सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ एवं अन्य जिलों के मरीजों को लाभ मिलता था।
नहीं शुरू हो सका पोर्टल
अस्पताल के सीओओ अवधेश शर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत को लेकर एक मेल आया है लेकिन अभी तक पोर्टल शुरू नहीं हो सका है। जैसे ही आयुष्मान कार्ड पोर्टल शुरू होगा, कार्डधारी मरीजों को इलाज मिलना शुरू हो जाएगा।
विधायक ने बयां किया दर्द
- विधायक राकेश प्रताप सिंह ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक व्यक्ति दुर्घटना में घायल हो जाता है। उसके पास आयुष्मान कार्ड भी है। अस्पताल में कार्ड से निशुल्क उपचार नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद उनके पास फोन आया। आयुष्मान कार्ड की सेवा शुरू न होने से वह उसका वहां इलाज नहीं कला पाएं। रेफर होने के बाद मेडिकल कॉलेज में भी भर्ती नहीं हो पाया। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को निजी अस्पताल में लूटने के लिए मजबूर होना पड़ा। विधायक ने सरकार से मुंशीगंज संजय गांधी अस्पताल की रोकी गई आयुष्मान भारत सेवा को बहाल कराए जाने की मांग उठाई।
क्या था मामला
- मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के रामशाहपुर निवासी दिव्या शुक्ला 14 सितंबर 2023 को पथरी के आपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था। तबीयत बिगड़ने पर दिव्या को लखनऊ ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। इस मामले को लेकर मृतका के परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन किया था। स्वास्थ्य विभाग ने संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर सभी सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया था। बाद में उच्च न्यायालय के आदेश पर अस्पताल का संचालन बहाल हुआ। लेकिन, आयुष्मान का इलाज नहीं हो पा रहा है।
भेजा गया है पत्र
- सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि सपा विधायक के सवाल उठाने पर लखनऊ स्वास्थ्य महानिदेशक के यहां से उनसे जानकारी ली गई है। मामले में पहले ही केंद्र सरकार को इस संबंध में पत्र लिखा जा चुका है। स्थानीय स्तर से कोई समस्या नहीं है।
आयुष्मान भारत एक नजर में
- कुल लक्षित- 890907
- अब तक बने गोल्डन कार्ड- 553937
- अब तक उपचारित लाभार्थी-23589
- इलाज पर खर्च धनराशि- 22.72 लाख रुपये
- कुल आच्छादित अस्पताल- 30