अमेठी। प्रदेश सरकार ने बजट में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी को लेकर व्यवस्था की है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने जायस क्षेत्र में 30 बेड का (मातृ-शिशु) एमसीएच विंग बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। इसके साथ ही मानव संसाधन को लेकर भी कवायद की जा रही है।दरअसल, जिले में अभी तक महिलाओं के लिए अलग से कोई अस्पताल नहीं है। असैदापुर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में 50 बेड का एमसीएच वार्ड बना है। कोविड के समय से इसे आरक्षित कर लिया गया था। इसके बाद से जनरल वार्ड में महिलाओं को भर्ती कर प्रसव सहित अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है।
अब विभाग ने मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर जायस कस्बे में एमसीएच विंग (मात) बनाने का निर्णय लिया है। इस विंग में सिर्फ महिलाओं व नवजात बच्चों का इलाज किया जाएगा। इसको लेकर प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
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मुसाफिरखाना में बनेगा एएनएम ट्रेनिंग सेंटर
मुसाफिरखाना में एएनएम ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण कराने का प्रस्ताव है। जिले में कोई भी एएनएम ट्रेनिंग सेंटर न होने से एएनएम को प्रशिक्षित करने में समस्या आती थी। प्रशिक्षण के लिए एएनएम को सीएचसी पर या फिर सुल्तानपुर भेजना पड़ता था। ऐसे में विभाग ने जिले के मुसाफिरखाना में ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। यहां पर जमीन उपलब्ध है। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि दोनों प्रस्ताव तैयार करके भेजे जा रहे हैं। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
13 को टीम करेगी निरीक्षण
- असैदापुर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में प्रस्तावित ब्लड बैंक को लेकर 13 फरवरी को औषधि विभाग की टीम निरीक्षण करेंगी। टीम यह देखेगी कि अस्पताल में ब्लड बैंक के संचालन के लिए सभी व्यवस्थाएं हैं या नहीं, इसके बाद ब्लड बैंक के संचालन का निर्णय लिया जाएगा। सीएमएस डॉ. बीपी अग्रवाल ने पुष्टि की है।
अनुपस्थित मिले छह कर्मी
- सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी का औचक निरीक्षण किया। सीएमओ ने यहां पर कर्मियों की उपस्थिति की जांच की। चार चिकित्सक सहित छह कर्मी अनुपस्थित मिले। इनसे स्पष्टीकरण मांगने को कहा गया है। साथ ही अन्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली गई। ओपीडी में मरीजों से दवाओं की उपलब्धता सहित अन्य बिंदुओं पर राय ली गई।
डाॅ.दिनेश मालिक