अमेठी। शहर स्थित 25 शैय्या वाले राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के दिन अब बहुरने वाले हैं। परिसर में बाउंड्रीवॉल के साथ ही तीन अतिरिक्त कक्ष व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। विभाग की ओर से 74 लाख का डीपीआर शासन को भेज दिया गया है। 25 शैय्या का अस्पताल अब तक मात्र दो बेड और प्रभारी चिकित्सक कक्ष को मिलाकर तीन कमरे में संचालित हो रहा है।
शहर के तोपखाना मोहल्ला में वर्ष 1997 में 25 शैय्या के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन का निर्माण हुआ था। इसके पूर्व राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय शहर के पुरानी सब्जी मंडी में स्थित एक निजी भवन में किराए पर चलता था। विभाग को हैंडओवर होने के बाद नवनिर्मित उक्त भवन में वर्ष 1998 से राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय का संचालन शुरू हुआ। करीब दो दशक बीतने के बावजूद भी 25 शैय्या का राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय संसाधनों के अभाव का दंश झेल रहा है।
कहने को तो 25 शैय्या का राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय है, लेकिन आयुर्वेदिक चिकित्सालय में कुल चार बेड हैं। दो बेड टूटे पड़े हैं। भवन के अभाव में मरीजों के लिए बैठने तक की कोई व्यवस्था नहीं है। बाउंड्रीवॉल भी नहीं है। संसाधनों व कर्मचारियों के अभाव में मरीजों को समुचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
संसाधनों के अभाव में अब तक न तो यहां डॉक्टर ही रहते थे और न ही ज्यादा मरीज आते थे। पिछले दिनों शासन की ओर से अस्पताल पर आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अनुपम श्रीवास्तव की तैनाती की गई। तैनाती के बाद से अस्पताल में अब मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अनीता गुप्ता ने बताया कि राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय परिसर में 74 लाख की लागत से बाउंड्रीवॉल के साथ ही तीन अतिरिक्त कक्ष व प्रसाधन आदि का निर्माण कराया जाएगा। डीपीआर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही जल्द निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। स्टाफ की कमी को दूर करने के संबंध में शासन से पत्राचार किया गया है।
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि 25 शैय्या राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में सृजित दो चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट, चार स्टॉफ नर्स व दो वार्ड व्वाय का पद सृजित है। सृजित पदों के सापेक्ष एक चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट तथा एक-एक वार्ड व्वाय व स्टॉफ नर्स का पद रिक्त चल रहा है।