मुसाफिरखाना (अमेठी)। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच अधिकारी की शक की सुई पत्नी पर गई थी। सर्विलांस की मदद से जांच में जुटी पुलिस ने कुछ सुराग मिलने के बाद मृतक की पत्नी को थाने लाकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में पत्नी ने अयोध्या की हत्या गला दबाकर करने की बात स्वीकार कर ली। सोमवार को पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए आरोपी पत्नी का चालान न्यायालय भेज दिया।
स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के गांव बेसारा पूरब गांव निवासी अयोध्या (45) का शव बृहस्पतिवार देर शाम घर के समीप संदिग्ध हालात में पाया गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस की पूछताछ में पत्नी सीतापती ने पति के दो दिन से बाहर रहने तथा शराब के नशे में धुत रहने की बात कही थी। पुलिस को शक तो उसी समय पत्नी पर इसलिए हो गया था कि पति की मौत के बाद भी उसके चेहरे पर कोई शिकन तक नहीं थी।
पीएम रिपोर्ट में जब अयोध्या की मौत गला दबने से होने की पुष्टि हुई तब पुलिस ने सर्विलंास की मदद ली। सीडीआर में पति बृहस्पतिवार को घर आ गया था जबकि पत्नी ने दो दिन से बाहर होने की बात कही थी। इसी आधार पर विवेचक एसएचओ अमर सिंह महिला सिपाही की मौजूदगी में उसे पूछताछ के लिए थाने ले आए। कुछ ही देर की पूछताछ में सीतापती टूट गई और हत्या करने की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि पति आए दिन शराब के नशे में आकर मारपीट करता था। बताया कि एक दिन उसने कहा था कि तुम्हारे साथ ही दोनों बच्चों की हत्या कर डालूंगा।
बताया कि पूरे परिवार की हत्या करने की आशंका से वह परेशान थी। इसी बीच बृहस्पतिवार शाम वह दो दिन बाद शराब के नशे में घर आया और आते ही मारपीट करने लगा। इसी बीच मौका देख उसने पति को जमीन पर गिरा दिया और एक हाथ से गला तथा दूसरे हाथ से उसका मुंह दबाकर हत्या कर दी। नशे में होने के चलते वह किसी प्रकार का प्रतिरोध नहीं कर सका। हत्या की बात कबूल करने के बाद पुलिस ने सोमवार को उसका चिकित्सीय परीक्षण कराकर चालान न्यायालय भेज दिया।