मुसाफिरखाना (अमेठी)। राजकीय पीजी काॅलेज में भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी की जन्मशताब्दी पर उनकी विदेश नीति पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता डॉ. अनीता मिश्रा ने कहा कि अटल बिहारी एक दूरदर्शी राजनेता व प्रधानमंत्री थे। उनकी विदेश नीति का आधार सदैव यथार्थवादी रहा। वह कहा करते थे कि हम दोस्त बदल सकते हैं, किंतु पड़ोसी नहीं। इसलिए विदेश नीति में सदैव संवाद का महत्व बना रहता है। वे सदैव शक्ति संतुलन के पक्षधर रहे। वे मानते थे कि हमारी विदेश नीति का मूल आधार राष्ट्रीय हित है।
उन्होंने अमेरिका, इस्राइल व दक्षिण पूर्व एशिया में भारतीय विदेश नीति को मजबूत किया। कहा कि अटल जी की लाहौर बस यात्रा व आगरा शिखर सम्मेलन उनकी विदेश नीति के रणनीतियों को उजागर करती हैं। कार्यक्रम में श्रेया, श्रद्धा, अनस, गुंजा पाल, अपराजिता मौर्या, स्नेहा ने भी विचार व्यक्त किए। महाविद्यालय के रामचेत ने भी विद्यार्थियों से अटल जी के बारे अपनी स्मृतियों को साझा किया। कार्यक्रम में हरिश्चंद्र, आमिर खान, अभिषेक , विशाल, सुरभि, मुस्कान, स्वाती आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन व संचालन डॉ. गौरव त्रिपाठी ने किया।