अमेठी सिटी। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी महेंद्र बाबू ने लोकेटरों और दलालों से विवाद की आशंका जताते हुए कई बार प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजा। मौखिक रूप से भी बताया। बावजूद इसके, उनके लिए सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। यही वजह रही कि लोकेटरों का मनोबल बढ़ गया और सोमवार को चेकिंग के दौरान एआरटीओ के साथ हाथापाई की गई।
एआरटीओ महेंद्र बाबू ने बताया कि परिवहन विभाग में दलाली और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के बाद से कुछ लोकेटर उनसे नाराज चल रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराया था और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की थी। बताया गया कि इससे पहले भी कार्यालय परिसर में उनके साथ विवाद हो चुका है।
नवंबर 2025 में फिटनेस जांच के दौरान एक युवक ने उनके साथ गालीगलौज और धक्का-मुक्की की थी। उस समय भी उन्होंने पुलिस को तहरीर दी थी। एआरटीओ का कहना है कि कार्यालय परिसर में दलालों की गतिविधियों पर रोक लगाने के बाद कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। इसी कारण पहले भी विवाद की स्थिति बनी थी।
सोमवार को चेकिंग के दौरान कुछ लोगों से कहासुनी हो गई। इसके बाद धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। पुलिस भी पहुंची और जानकारी ली। उनका कहना है कि पहले की शिकायतों पर ध्यान दिया जाता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।
आगे-पीछे घेराबंदी करके चलते हैं लोकेटर
एआरटीओ ने बताया कि लोकेटर ओवरलोड गाड़ियां जिले की सीमा से बाहर निकालने के एवज में अवैध उगाही करते हैं। उनकी कमाई बंद हो गई है, इसलिए वे अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। घर से, कार्यालय से निकलते ही उनकी गाड़ियां आगे-पीछे चलने लगती हैं। पल-पल की लोकेशन ओवरलोड वाहन चालकों और वाहन मालिकों को भेजी जाती है। सबसे ज्यादा दिक्कत रात में होती है। लोकेटर चार पहिया वाहनों से उन पर नजर रखते हैं। एक बार सख्ती से कार्रवाई हो जाए तो दोबारा ऐसी स्थिति नहीं बनेगी।