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Amethi News: वितरण केंद्रों पर व्यवस्थाएं चौपट, नहीं मिल रही खाद

Tue, 03 Dec 2024 01:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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गौरीगंज बाजार ​स्थित इफको किसान सेवा केंद्र पर लगी किसानों की लंबी कतार।
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अमेठी सिटी। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण वितरण के लिए मिली डीएपी रैक तीन दिन बाद भी जिले के सभी इफको केंद्रों व समितियों तक नहीं पहुंची है। इससे समितियों के बाहर लगी किसानों की कतार भी खत्म नहीं हो रही। घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद न मिलने से परेशान किसानों को मजबूरी में बाजार से महंगी दर पर खाद खरीदना पड़ रही है।
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सोमवार को खाद वितरण केंद्रों पर खाद वितरण की जमीनी हकीकत परखने पर व्यवस्थाएं चौपट नजर आई। कई समितियों पर वितरण के लिए खाद का स्टॉक न पहुंचने के कारण ताला लटका दिखा। जबकि कुछ केंद्रों पर खाद पहुंचने के बाद भी जिम्मेदारों की लापरवाही से वितरण में दोहरा मापदंड दिखा। पहले खाद की कमी और अब रैक आने के बाद वितरण व्यवस्था में मनमानी से किसानों की परेशानी कायम बनी है। कई केंद्र पर छोटे किसानों को डीएपी लेने पर जबरन नैनो की खरीद भी करना पड़ रही है। जबकि बड़े किसानों को बिना नैनो के ही पर्याप्त मात्रा में डीएपी बांटी जा रही है।



गौरीगंज इफको केंद्र पर कतार में लगे किसान ओम प्रकाश यादव, बिंद्र प्रसात व कमलेश कुमार ने बताया कि सुबह से लाइन में लगे हैं। अंदर सेटिंग कर बड़े किसानों को दस-दस बोरी खाद बांटी जा रही है। शंकर दत्त व साधन सहकारी समिति माधवपुर में मिले किसान लक्ष्मण कुमार ने बताया कि डीएपी के साथ किसानों पर जबरन नैनो की खरीद भी थोपी जा रही है। कृपा शंकर तिवारी व उदय राज ने बताया कि दो बोरी पर मजबूरन नैनो यूरिया भी खरीदना पड़ रही है।
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उठान के लिए कम ट्रक होने से परेशानी

सहकारिता सहायक आयुक्त मित्रसेन वर्मा ने बताया कि रैक से खाद केंद्रों तह पहुंचाने वाले ठेकेदार के पास अमेठी, रायबरेली व सुल्तानपुर का कार्य है। रायबरेली में भी रैक आने से ठेकेदार फर्म की अधिकतर ट्रक वहां लगी हैं। ऐसे में उठान के लिए वाहन कम होने के कारण ही आवंटन के बाद भी डीएपी को वितरण केंद्रों तक पहुंचाने में देरी हो रही है।


लौटना पड़ा खाली हाथ
सुबह 10:45 बजे अमेठी स्थित इफको केंद्र पर डीएपी पाने के लिए पहुंचे किसानों को स्टॉक न होने की बात सुनकर गहरी हताशा हुई। पता चला कि जिले में दो बार वितरण के लिए डीएपी की रैक आई लेकिन इस केंद्र पर बांटने के लिए खाद ही नहीं पहुंची। इससे सोमवार को फिर किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा।



केंद्र पर लटकता मिला ताला
सुबह 11:08 बजे बाबूपुर स्थित सहकारी समिति पर पहुंचे किसानों को भी ताला लटकता मिला। रैक मिलने के बाद खाद की किल्लत दूर होने का दावा कर रहे जिम्मेदार तीन दिन बाद भी बाबूपुर केंद्र पर वितरण के लिए खाद का आवंटित स्टॉक तक नहीं पहुंचा सके। इससे खाद न मिलने से इलाके के किसान परेशानहाल हैं।


जबरन खरीदना पड़ रही नैनो यूरिया
दोपहर 12:10 बजे गौरीगंज स्थित इफकों केंद्र पर किसानों की लंबी कतार लगी थी। अव्यवस्था के कारण कुछ किसान एक बोरी खाद पाने के लिए लंबी कतार में लगे थे तो कुछ जोड़-तोड़ से ऑटो से कई बोरी खाद लाद कर ले जाते दिखे। छोटे किसानों ने बताया कि खाद के साथ उन्हें जबरन नैनो यूरिया खरीदने के लिए भी विवश किया जा रहा है।

खाद बांटने में नियमों की सख्ती
दोपहर 12:24 बजे माधवपुर साधन सहकारी समिति पर खाद बांटी जा रही थी। किसानों को बिना परेशानी के खाद मिलती दिखी। कालाबाजारी परखने के लिए केंद्र पर मौजूद एक कर्मचारी से पहचान छिपाकर बिना आधार व खतौनी के खाद खरीदने की कोशिश की गई लेकिन उसने साफ इंकार कर दिया। केंद्र प्रभारी ने बताया कि नियमों के आधार पर ही खाद का वितरण किया जा रहा है।
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